Ayodhya Ram Mandir Case : अयोध्या में राम मंदिर दान प्रकरण को लेकर चल रही विशेष जांच दल (SIT) की जांच के बीच स्थानीय बार एसोसिएशन ने बड़ा ऐलान किया है. अधिवक्ताओं की आम सभा में कहा गया कि चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव तीन दिन के भीतर अयोध्या छोड़ दें या फिर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाए. चेतावनी दी गई कि ऐसा नहीं होने पर पूरे अयोध्या में चक्का जाम और व्यापक आंदोलन किया जाएगा.
बार एसोसिएशन ने यह भी घोषणा की कि राम मंदिर दान प्रकरण में गिरफ्तार या आरोपित व्यक्तियों की पैरवी कोई अधिवक्ता नहीं करेगा. यदि कोई वकील ऐसा करता है तो उसके खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई करते हुए 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया है.
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए. इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT गठित की. जांच के दौरान आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और प्रारंभिक जांच में दान प्रबंधन एवं निगरानी व्यवस्था में गंभीर खामियों की बात सामने आने की जानकारी दी गई.
इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पुष्टि की कि महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं. ट्रस्ट का कहना है कि वह निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध है और श्रद्धालुओं के दान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी. वहीं, वीएचपी ने किसी दबाव में इस्तीफा दिलाए जाने के दावों से इनकार किया है.