मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बिजली कटौती को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी और प्रशासनिक टकराव में बदल गया है. इलाके में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से नाराज लोगों ने स्थानीय बिजलीघर का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया. आरोप है कि इस दौरान बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की हुई और सरकारी कार्य में बाधा डाली गई. मामले में अवर अभियंता (JE) की तहरीर पर पुलिस ने नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है.
मुकदमा दर्ज होने के बाद क्षेत्र का सियासी पारा भी गर्म हो गया. प्रदर्शनकारी उत्तर प्रदेश सरकार में राष्ट्रीय लोकदल (RLD) कोटे से मंत्री अनिल कुमार के पास पहुंचे और बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया, इसके बाद मंत्री ने बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर को फोन मिलाकर नाराजगी जाहिर की. वायरल हो रही बातचीत में मंत्री कहते सुनाई दे रहे हैं, एक बात सुनो चीफ साहब, अगर यह मुकदमा लिखवाया ना... फर्स्ट एंड लास्ट बता रहा हूं तुम्हें ये बात. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
बताया जा रहा है कि पूरा विवाद ट्रांसफार्मर खराब होने और कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बहाल न होने से शुरू हुआ था. स्थानीय लोगों का आरोप है कि भीषण गर्मी के बावजूद समय पर ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया, जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. वहीं बिजली विभाग का कहना है कि कर्मचारियों के साथ अभद्रता और सरकारी काम में बाधा डालने के कारण कानूनी कार्रवाई करना जरूरी था.
मंत्री अनिल कुमार ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी आरोपी को बचाना नहीं, बल्कि जनता को समय पर बिजली उपलब्ध कराना और विभागीय लापरवाही पर जवाबदेही तय कराना है. फिलहाल मुकदमा दर्ज होने के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है और पुलिस जांच में जुटी हुई है.