लखनऊ : शामली के चर्चित आयुष मलिक धर्मांतरण मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक बार फिर नया विवाद सामने आया है. आयुष के पिता देवराज मलिक ने आरोप लगाया है कि 16 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेशी के बाद से उनका बेटा घर वापस नहीं लौटा है. पिता ने दारुल उलूम देवबंद से जुड़े मुफ्ती समेत दो लोगों के खिलाफ आयुष को अगवा करने, संपत्ति पर कब्जे की कोशिश और इस्लाम धर्म नहीं अपनाने पर धमकाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
दरअसल, आयुष मलिक का मामला जून से ही चर्चा में है. उनके पिता ने पहले आयुष के धर्म परिवर्तन और चांदनी कुरैशी से संबंध को लेकर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया था. इसके बाद आयुष के दोस्त मोहम्मद सुल्तान की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की गई थी. याचिका में आरोप लगाया गया था कि आयुष को उसके पिता ने बंधक बनाकर रखा है.
16 सितंबर को पुलिस आयुष को हाईकोर्ट में पेश करने पहुंची. कोर्ट ने उससे सीधे बातचीत की. न्यायालय के आदेश के मुताबिक, करीब 31 वर्षीय आयुष ने कहा कि उसने अपनी इच्छा से वर्ष 2014 में इस्लाम धर्म अपनाया और उस पर किसी तरह का दबाव, धमकी या प्रलोभन नहीं था, उसने चांदनी कुरैशी से शादी करने की इच्छा भी जताई.
इसके बाद हाईकोर्ट ने आयुष को अपनी इच्छा के अनुसार कहीं भी रहने, अपनी पसंद का धर्म मानने और कानून के मुताबिक वैवाहिक संबंध को लेकर निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी.
अब पिता का आरोप है कि कोर्ट से निकलने के बाद से आयुष उनके घर नहीं आया और उसका कोई पता नहीं है. इसी आधार पर उन्होंने दो लोगों के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज कराया है. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.