रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की पत्नी और पूर्व राज्यसभा सांसद तंजीन फातिमा ने अखिलेश यादव से अपनी हालिया मुलाकात को लेकर चल रही चर्चाओं पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि उनकी मुलाकात पूरी तरह पारिवारिक थी और इस दौरान किसी तरह की राजनीतिक बातचीत नहीं हुई. तंजीन फातिमा ने उन खबरों को भी भ्रामक बताया, जिनमें दावा किया गया था कि वह आजम खान का पत्र लेकर अखिलेश यादव से मिलने पहुंची थीं.
मीडिया से बातचीत में तंजीन फातिमा ने कहा कि वह चार-पांच दिन पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलने गई थीं। यह मुलाकात पारिवारिक थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास आजम खान का कोई पत्र नहीं था और न ही मुलाकात के दौरान राजनीतिक मुद्दों पर कोई चर्चा हुई.
तंजीन फातिमा ने उन खबरों को गलत बताया, जिनमें कहा गया था कि आजम खान की ओर से सपा नेतृत्व के सामने आगामी विधानसभा चुनाव में 15 सीटों की मांग रखी गई है. उन्होंने कहा कि आजम खान का खत लेकर जाने का सवाल ही नहीं उठता.
उन्होंने आजम खान और अखिलेश यादव के रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा कि आजम खान समय-समय पर अखिलेश यादव को अपनी औलाद की तरह बताते रहे हैं. तंजीन फातिमा ने इसी बात को आधार बनाकर कहा कि जब अखिलेश यादव को वह अपनी औलाद की तरह मानते हैं, तो फिर उन्हें पत्र भेजकर 15 सीटें देने या किसी खास संख्या में उम्मीदवार उतारने के लिए दबाव डालने की बात कैसे हो सकती है.
उनके इस बयान के बाद आजम खान और अखिलेश यादव के? बीच रिश्तों को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है. खासतौर पर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले रामपुर और सपा की राजनीति में इस बयान को अहम माना जा रहा है. हालांकि, तंजीन फातिमा ने साफ कर दिया कि उनकी हालिया मुलाकात को किसी राजनीतिक मांग या सीटों के बंटवारे से जोड़ना सही नहीं है.