Azam Khan : उत्तर प्रदेश के रामपुर से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को वर्ष 2019 के चर्चित तन्खईया बयान मामले में बड़ी राहत नहीं मिली है. सेशन कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए उनकी अपील खारिज कर दी है. यह मामला 15 अप्रैल 2019 का है, जब लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान रामपुर में आयोजित एक जनसभा में आजम खान ने तत्कालीन जिलाधिकारी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. अपने भाषण में उन्होंने कहा था, इन कलेक्टर-फलेक्टर से नहीं डरियो. ये तन्खईया हैं. देखे हैं मायावती जी के फोटो, कैसे बड़े-बड़े अफसर रुमाल निकालकर जूते साफ कर रहे हैं. उन्हीं से गठबंधन है, उन्हीं के जूते साफ कराऊंगा, अल्लाह ने चाहा तो.
इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे सरकारी अधिकारी का अपमान और चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन से जोड़ते हुए मामला दर्ज किया था. बाद में निचली अदालत ने आजम खान को दोषी ठहराया था, जिसके खिलाफ उन्होंने सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी.
अब सेशन कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को सही मानते हुए उसमें हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है. अदालत के इस फैसले के बाद आजम खान को इस मामले में कोई राहत नहीं मिली है. आजम खान पहले से ही कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं. उनके खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों को लेकर अलग-अलग अदालतों में सुनवाई जारी है. ताजा फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी चर्चा का विषय बन गया है.