पटना : बिहार के मुख्यमंत्री एवं सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य के जल संसाधनों के वैज्ञानिक और समेकित प्रबंधन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. बागमती–बूढ़ी गंडक रिवर लिंक योजना के अंतर्गत बेलवा (शिवहर) से मीनापुर (मुजफ्फरपुर) तक 68.80 किलोमीटर लंबे बेलवाधार लिंक चैनल को शुरू किया जा रहा है. लगभग 130.88 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना उत्तर बिहार के लाखों लोगों, विशेषकर किसानों के लिए राहत लेकर आएगी.
सम्राट चौधरी लगातार यह कहते रहे हैं कि बिहार की नदियों को अभिशाप नहीं, बल्कि विकास का आधार बनाया जाएगा. इसी सोच के तहत इस परियोजना का उद्देश्य बागमती नदी के अतिरिक्त बाढ़ के पानी का वैज्ञानिक प्रबंधन कर उसे बूढ़ी गंडक प्रणाली की ओर मोड़ने वाले प्रोजेक्ट को पूरा होने के बाद उद्घाटन करेंगे. ताकि, हर साल आने वाली बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके.
अब तक शिवहर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और आसपास के क्षेत्रों में मानसून के दौरान खेतों में महीनों जलभराव रहता था. हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद हो जाती थी, सड़कें टूट जाती थीं और किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ता था. वहीं, बारिश खत्म होने के बाद यही क्षेत्र सिंचाई के लिए पानी की कमी से जूझते थे, जिससे रबी की खेती प्रभावित होती थी.
नई लिंक चैनल परियोजना से बाढ़ नियंत्रण के साथ-साथ सिंचाई क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी. किसानों को समय पर पानी मिलेगा, कृषि उत्पादन बढ़ेगा, भूजल पर निर्भरता कम होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी. सम्राट चौधरी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समेकित जल संसाधन प्रबंधन के विज़न को धरातल पर उतारने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है. उनका कहना है कि सरकार का लक्ष्य बिहार को बाढ़ से सुरक्षित, जल संपन्न और कृषि के क्षेत्र में अधिक समृद्ध राज्य बनाना है.