पटना: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए विवादित एनकाउंटर मामले में नया मोड़ आ गया है. न्यायिक जांच आयोग के समक्ष दो चश्मदीद महिलाओं चंद्रावती देवी और उषा देवी ने अपने बयान दर्ज कराए हैं. दोनों महिलाओं ने दावा किया कि उन्होंने अपनी आंखों से देखा कि पुलिसवालों ने भरत तिवारी को हथियार फेंकने के बाद तीन गोलियां मारीं.
चंद्रावती देवी ने आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार सिन्हा के सामने कहा, “तीन गो गोली मारल रहिल, हम आपन आंखन देखल.” उन्होंने बताया कि हथियार फेंकने के बाद पुलिसवालों ने भरत तिवारी को गोली मारी. एक गोली पैर में दो बार और एक कंधे के पास मारी गई. इसके बाद उन्हें गाड़ी में धकेल दिया गया.
उषा देवी ने भी लगभग यही बयान दिया. उन्होंने कहा कि भरत तिवारी ने कुछ मांगे रखी थीं, पुलिस अधिकारी ने उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया तो उन्होंने पिस्तौल फेंक दी. इसके तुरंत बाद पुलिस ने उन पर तीन गोलियां चला दीं और फिर उन्हें गाड़ी में डालकर ले गए. इससे पहले भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी भी आयोग के सामने पेश हो चुके हैं. उन्होंने दावा किया था कि उनके भाई ने सरेंडर कर दिया था, फिर भी उन्हें गोली मार दी गई.
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच न्यायिक आयोग कर रहा है. गांव के परिजनों और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. दोनों महिलाओं के बयान ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है. आयोग अब इन बयानों के आधार पर आगे की जांच करेगा. यह घटनाक्रम बिहार में पुलिस एनकाउंटर की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर रहा है.