लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति में भगवान श्रीकृष्ण को लेकर एक नया विवाद सामने आया है. राजधानी लखनऊ में भाजपा नेता मनीष यादव ने कई स्थानों पर बड़े-बड़े पोस्टर लगाकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से सीधा सवाल पूछा है. पोस्टरों में एक मौलवी के कथित बयान का हवाला देते हुए लिखा गया है, “मौलवी है, अखिलेश का पोषित… श्रीकृष्ण हुए मुसलमान घोषित? अखिलेश जी चुप्पी क्यों?” पोस्टर लगते ही राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा शुरू हो गई है.
पोस्टरों के माध्यम से भाजपा नेता मनीष यादव ने आरोप लगाया है कि भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान पर समाजवादी पार्टी की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई. उनका कहना है कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े विषय पर राजनीतिक दलों को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए. इसी सवाल को उन्होंने सार्वजनिक रूप से अखिलेश यादव के सामने रखा है.
मनीष यादव पिछले कुछ समय से सैफई परिवार और समाजवादी पार्टी को विभिन्न मुद्दों पर लगातार घेरते रहे हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर सियासत और तेज हो सकती है. ऐसे में इस तरह के पोस्टर राजनीतिक संदेश देने के साथ-साथ चुनावी विमर्श को भी प्रभावित करने की कोशिश के रूप में देखे जा रहे हैं.
भाजपा नेताओं का कहना है कि आस्था से जुड़े विषयों पर किसी भी विवादित टिप्पणी का विरोध होना चाहिए, जबकि समाजवादी पार्टी की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. ऐसे में राजनीतिक बहस फिलहाल एकतरफा चल रही है और अब सभी की नजर सपा के जवाब पर रहेगी.
गौरतलब है कि मनीष यादव स्वयं को श्रीकृष्ण जन्मभूमि आंदोलन से भी जुड़ा बताते रहे हैं. यही वजह है कि उन्होंने इस मुद्दे को केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए सार्वजनिक अभियान का रूप दिया है. आने वाले दिनों में यदि इस मामले पर समाजवादी पार्टी या संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया आती है, तो यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है.