शिवपुरी (मध्य प्रदेश): जनता की समस्याएं सुनना जनप्रतिनिधियों का दायित्व है, लेकिन मध्य प्रदेश के करेरा से BJP विधायक रमेश खटीक के एक कार्यक्रम में यह बात भूल गए. जब पड़ोसी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण अपनी शिकायत लेकर पहुंचे तो विधायक ने साफ मना कर दिया. इसके बाद एक युवक ने अपने छोटे बच्चे को विधायक की कार के बोनेट पर रखकर विरोध जताया.
पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. शिवपुरी जिले के नरवर तहसील में डॉ. भीमराव आंबेडकर भवन में विधायक रमेश खटीक ने ‘जन चौपाल’ का आयोजन किया था. नानकपुर और बरखड़ी गांव (पोहरी विधानसभा क्षेत्र) के निवासी पेयजल और बिजली की समस्या लेकर पहुंचे.
विधायक ने उनके आवेदन देखते हुए कहा, ''आप पोहरी के हैं, मेरे क्षेत्र के वोटर नहीं हैं. मैं आपकी शिकायत नहीं सुन सकता. आप अपने MLA के पास जाएं.'' यह सुनकर ग्रामीण नाराज हो गए. उन्होंने कहा कि भले ही वे उनके क्षेत्र के नहीं हैं, लेकिन वे मध्य प्रदेश सरकार के पास आए हैं और विधायक सत्ताधारी दल से हैं.
गुस्से में एक युवक ने अपना 3-4 साल का बच्चा विधायक की खड़ी कार के बोनेट पर बिठा दिया और कहा, ''अगर आप हमारी नहीं सुनेंगे तो हमारे बच्चों को ले जाइए.'' मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बच्चे को उतार लिया.
वीडियो वायरल होने के बाद इस घटना ने राजनीतिक हलचल मचा दी है. विधायक रमेश खटीक ने कहा कि वे केवल अपने क्षेत्र के लोगों की ही समस्याएं सुन सकते हैं. पड़ोसी क्षेत्र पोहरी से कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाहा हैं. यह घटना आम जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ती दूरी को दिखाती है. ग्रामीणों का कहना है कि समस्याएं क्षेत्र की सीमा नहीं देखतीं, लेकिन नेता देखते हैं.