लखनऊ : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 अपने तय समय पर ही कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि फरवरी-मार्च 2027 में प्रस्तावित चुनाव कार्यक्रम में जनगणना की वजह से किसी तरह के बदलाव की संभावना नहीं है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 तक है और उससे पहले चुनाव कराना संवैधानिक अनिवार्यता है। इसलिए चुनाव आयोग तय समयसीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी करेगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल घोसी, दुद्धी और फरीदपुर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव नहीं कराए जाएंगे। साथ ही मतदाता सूची में पारिवारिक संबंधों से जुड़ी गलतियों को सुधारने का भरोसा दिया, ताकि मतदाता सूची अधिक सटीक और पारदर्शी बन सके।
मतदान प्रक्रिया में CCTV निगरानी को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि मतदान की गोपनीयता लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल आधार है। इसी कारण मतदान प्रक्रिया में निगरानी से जुड़े निर्णय लेते समय मतदाताओं की निजता और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाता है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर चल रही अटकलों पर काफी हद तक विराम लग गया है। आयोग ने साफ संकेत दिया है कि चुनाव तय संवैधानिक समयसीमा के भीतर ही संपन्न कराए जाएंगे।