लखनऊ : उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की चर्चित तिकुनिया हिंसा मामले से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है. इस मामले के एक गवाह की सुरक्षा में तैनात सिपाही उमाशंकर भारती का शव फिरोजाबाद जिले में रेलवे ट्रैक पर मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सिपाही उमाशंकर भारती चार दिन पहले बिना किसी आधिकारिक सूचना के अपनी ड्यूटी छोड़कर घर चले गए थे. जांच के दौरान उनके घर से सरकारी कारबाइन और कारतूस बरामद हुए हैं, इसके बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह आत्महत्या का मामला है, दुर्घटना है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.
उमाशंकर भारती लखीमपुर खीरी के बहुचर्चित तिकुनिया हिंसा मामले के एक गवाह की सुरक्षा में तैनात थे. यह मामला वर्ष 2021 के किसान आंदोलन के दौरान हुई उस हिंसक घटना से जुड़ा है, जिसमें चार किसानों, तीन भाजपा कार्यकर्ताओं और एक पत्रकार की मौत हुई थी. इस प्रकरण ने पूरे देश में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा बटोरी थी.
इस मामले में तत्कालीन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी और उनके बेटे पर भी गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद लंबी कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई थी. अब गवाह की सुरक्षा में तैनात सिपाही की मौत ने एक बार फिर इस चर्चित मामले को सुर्खियों में ला दिया है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.