नई दिल्ली: बागपत मे अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका अचानक स्तब्ध रह गया. इस हमले में सिरसौली गांव के प्रधान को गोलियों से भून दिया गया. सिर्फ इतना ही नहीं जो बचाने आया उसके हाथ में गोली मार कर हमलावरों ने कहा कि अब कोई बीच में नहीं आएगा, अब हमारे प्रधानी चलेगी. इस घटना के बाद पूरे इलाके में खौफ का माहौल बना हुआ है.
प्रधानी रंजिश के चलते हत्या
बताया जा रहा है कि बागपत जिले के सिरसौली ग्राम प्रधान धर्मेंद्र की हत्या प्रधानी रंजिश के चलते की गई है. प्रधान पर हमला उस वक्त हुआ जब वो टैंपो स्टैंड पर लोगों के साथ बैठ कर ताश खेल रहा था, उसी समय वहां दो हमलावर बाइक पर सवार होकर आते हैं, जो कि प्रधानी को लेकर धर्मेद्र तोमर के साथ बातचीत करते हैं, चश्मदीदों का दावा है कि वो लोग धर्मेंद्र से चुनाव ना लड़ने की बात कह रहे थे, लेकिन धर्मेंद्र ने उनकी मांग मानने से इनकार कर दिया, इसी बात पर उन लोगों ने हथियार निकाल कर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं. जिसमें कई गोलियां सिर और शरीर के बाकी हिस्सों में लगीं.
बचाने आए युवक को भी मारी गोली
लोगों का कहना है कि जब प्रधान पर हमला हुआ तो उसे बचाने के लिए आगे बढ़े विनीत के भी हाथ में गोली मार दी, उन हमलावरों ने लोगों को धमकी दी कि अब हमारी प्रधानी चलेगी, अगर कोई बीच में आया तो उस भी उड़ा देंगे. ये धमकी देने के बाद हमलावर अंगदपुर जौहड़ी की तरफ फरार हो गए, जबकि वहां मौजूद लोग घायल धर्मेंद्र और विनीत को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर्स ने धर्मेंद्र को मृतक घोषित कर दिया, जबकि विनीत का इलाज अभी भी चल रहा है. बताया जा हा है कि मृतक धर्मेंद्र का एक भाई सहारनपुर और दूसरा पीलीभीत में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है.
हिस्ट्रीशीटर है हमलावर
प्रधान धर्मेंद्र तोमर को मारने का आरोप आयूष पर लगा है, बताया जा रहा है कि आयूष अपने परिवार के किसी व्यक्ति को चुनाव लड़ाना चाहता था, इसीलिए वो धर्मेद्र के पास पहुंचा था, आयुष ने धर्मेंद्र तो चुनाव में खड़ा ना होने की धमकी दी थी, लेकिन धर्मेंद्र दोबारा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था, जिसके बाद आयुष ने गोलियां बरसा कर उसकी जान ले ली. पुलिस का कहना है कि आयुष के खिलाफ लगभग 12 मुकदमे दर्ज हैं, उसके पिता भी हिस्ट्रीशीटर हैं और वो हत्या के मामल में जेल में बंद हैं. आयुष ङी कुछ दिन पहले ही हरिद्वार जेल से जमानत पर बाहर आया था.