बलिया : उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में रेप केस के मामले में चार्जशीट लगाने के लिए इंस्पेक्टर साहब ने युवती को अकेले में मिलने के लिए बुलाया. इंस्पेक्टर साहब ने पीड़िता से कहा कि मुझे जाकर मिल लो. 2 मिनट में चार्जशीट फाइनल कर दूंगा. मेरे एक फोन की बात है. घटना की शिकायत पीड़िता ने डीआईजी से की. डीआईजी ने सीओ से जांच कराई. जांच के बाद क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी उंभाव दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है. पीड़िता ने क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर को चार्जशीट पूछने के बारे में पूछने के लिए फोन फोन मिलाया था, जहां इंस्पेक्टर साहब ने मिलने के लिए बुलाया. 9 मिनट का ऑडियो वायरल होने के बाद इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है.
मामला बलिया के उम्भाव थाना क्षेत्र का है. 3 फरवरी 2026 को महिला ने वन विभाग के दारोगा उग्रसेन जायसवाल पर शादी के नाम पर झांसा देकर यौन शोषण व जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया था. इस मामले में महिला ने स्थानीय थाने पर शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. कार्रवाई न होने पर महिला उच्चाधिकारियों से मिली, इसके बाद 21 फरवरी को मुकदमा दर्ज किया गया. मुकदमा दर्ज करने के बाद 24 फरवरी को पुलिस ने वन दरोगा को गिरफ्तार कर लिया.
बना रहे दबाव
पीड़िता का कहना है कि मामले में पुलिस चार्जशीट फाइल नहीं कर रही है, इससे मामले में कोई प्रगति नहीं हो रही है. चार्जशीट फाइल नहीं करने के बाद पीड़ित दबाव बना रहा है. ऐसे में प्रगति की जानकारी लेने के लिए इंस्पेक्टर क्राइम नरेश मलिक को फ़ोन मिलाई तो मिलने के बुलाने लगे. नरेश मलिक ने कहा कि मिल लो. चार्जशीट दो मिनट में फाइल कर दूंगा. 9 मिनट में 5 से ज्यादा बार मिलने की बात कहीं. स्थान और समय भी पूछा. बातचीत का 9 मिनट का ऑडियो वायरल होने के बाद डीआईजी ने सीओ रसड़ा से जांच कराई. जांच के बाद उभांव थाना प्रभारी और क्राइम इंस्पेक्टर दोनों को निलंबित कर दिया गया है.