Up Weather Alart : यूपी का बांदा इस समय सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के वैज्ञानिकों और मौसम विशेषज्ञों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है. यहां तापमान लगातार 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है. हालात ऐसे हैं कि धूप में रखे पानी के बर्तन गर्म होकर उबलने जैसे महसूस हो रहे हैं और ट्रांसफॉर्मर तक ठंडा करने के लिए उन पर पानी डालना पड़ रहा है.
वैज्ञानिकों के अनुसार बांदा की इस भयावह गर्मी के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं. सबसे बड़ा कारण है बुंदेलखंड का सूखा और पथरीला भूभाग. यहां जमीन में नमी बेहद कम बची है और हरियाली तेजी से घटी है. पेड़ों की कमी के कारण धरती सूरज की गर्मी को तेजी से सोख लेती है और रात में धीरे-धीरे छोड़ती है, जिससे रात में भी राहत नहीं मिलती.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहे, जिससे मार्च और अप्रैल में सामान्य बारिश नहीं हुई. इसी वजह से गर्मी पहले ही जमा होती चली गई. ऊपर से थार रेगिस्तान से आने वाली गर्म और शुष्क हवाओं ने बांदा को हीट चैंबर में बदल दिया. एक और बड़ा कारण है अवैध खनन और सूखती नदियां. केन नदी के आसपास बड़े पैमाने पर बालू खनन ने जमीन की नमी खत्म कर दी है. वैज्ञानिक इसे हीट आइलैंड इफेक्ट बता रहे हैं, जहां कंक्रीट, चट्टान और सूखी मिट्टी मिलकर तापमान को और बढ़ा देते हैं.
हालत इतने गंभीर हैं कि IMD ने बांदा समेत कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है. अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर, उल्टी और हीट स्ट्रोक के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं. लोग दोपहर से पहले ही बाजार बंद कर घरों में कैद होने को मजबूर हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जंगलों की कटाई, जलसंकट और बढ़ती गर्मी पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में बांदा जैसे इलाके इंसानों के लिए बेहद खतरनाक बन सकते हैं.