नई दिल्ली: कोलकाता पुलिस ने इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट (ISI) के प्रोफेसर गर्गा चटर्जी को ईवीएम संबंधी सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, गर्गा चटर्जी पर ईवीएम मशीनों में कथित छेड़छाड़ की अफवाह फैलाने, भड़काऊ बयान देने और लोगों को विरोध प्रदर्शन के लिए उकसाने का आरोप है.
वे ‘बांग्ला पक्ष’ नामक संगठन के संस्थापक हैं और ISI के मनोविज्ञान विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं. मंगलवार को साइबर क्राइम शाखा ने उन्हें गिरफ्तार किया. बुधवार को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद अदालत ने उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया.
पुलिस ने क्या दावे किए...?
गर्गा चटर्जी ने सभी आरोपों से इनकार किया है. चटर्जी का कहना है कि उन्होंने पुलिस को पहले ही सूचना दे दी थी कि वे 14 मई को जांच में शामिल होंगे. उनके सारे डिजिटल उपकरण पहले ही जब्त हो चुके हैं, इसलिए अतिरिक्त हिरासत की जरूरत नहीं है.
उन्होंने आगे कहा कि सच बोलना बंगालियों के लिए अपराध नहीं हो सकता. बंगालियों की आवाज को दबाया जा रहा है. मामला उस फेसबुक पोस्ट से जुड़ा है जिसमें नेताजी इंडोर स्टेडियम में रखी ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ का दावा किया गया था और विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया था. पुलिस इसे कानून-व्यवस्था के लिए खतरा मानती है.