कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में वकील के रूप में पेश हुईं. काला कोट पहनकर अदालत पहुंचीं ममता ने टीएमसी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए विशेष आदेश की मांग की. ममता बनर्जी ने टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी के बेटे सिरसान्या बनर्जी की जनहित याचिका पर दलीलें पेश करते हुए कहा कि बंगाल में चुनाव नतीजे आने के बाद भाजपा की जीत के साथ ही हिंसा का सिलसिला शुरू हो गया है. लूटपाट, मारपीट और आगजनी की कई घटनाएं हो रही हैं.
ममता ने ये आरोप लगाए...
ममता बनर्जी ने जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थसारथी सेन की बेंच से अपील की कि अदालत राज्य सरकार और पुलिस को निर्देश दें. उन्होंने मांग की है कि हिंसा के सभी मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए. पीड़ितों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए
विस्थापित लोगों को घर वापस बसाया जाए. क्षतिग्रस्त संपत्तियों की भरपाई की जाए और मकान टूटे होने पर उन्हें दोबारा बनवाया जाए.
उन्होंने कहा कि यह हिंसा संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है. ममता बनर्जी ने अदालत में हिंसा के कुछ सबूत और वीडियो भी पेश किए. इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट में एक अन्य याचिका भी दायर की गई है.