Sanatan Controversy in Tamil Nadu: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर सनातन धर्म को लेकर विवाद छिड़ गया है. अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के विधायक वीएमएस मुस्तफा ने सनातन धर्म को समाप्त करने की बात कहकर सुर्खियां बटोरी हैं.
मुस्तफा ने पत्रकारों से बातचीत में साफ कहा कि उनकी पार्टी पेरियार ई.वी. रामासामी और डॉ. बी.आर. आंबेडकर के विचारों को मानती है और उन्होंने सनातन को खत्म करने की लड़ाई में कूदने का फैसला किया है.
मुस्तफा कौन हैं?
VMS मुस्तफा मदुरै सेंट्रल सीट से नवनिर्वाचित विधायक हैं. मई 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उन्होंने TVK के टिकट पर जीत हासिल की. इससे पहले वे तमिलनाडु मुस्लिम लीग (TNML) के संस्थापक अध्यक्ष रह चुके हैं.
यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब हाल ही में TVK की सरकार सत्ता में आई है. मुस्तफा के बयान पर भाजपा ने तेज आलोचना की है. भाजपा तेलंगाना के उपाध्यक्ष शांति कुमार ने कहा कि हिंदू वोट लेकर अब TVK का असली चेहरा सामने आ रहा है.
स्टालिन का बयान
इससे पहले द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेता उद्धयनिधि स्टालिन भी सनातन धर्म को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं. उन्होंने कहा था कि सनातन धर्म समाज को बांटता है इसलिए इसे समाप्त किया जाना चाहिए. तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी उन्होंने इसी तरह की टिप्पणी दोहराई.
भाजपा ने इन बयानों को हिंदू भावनाओं पर हमला बताया है और कहा कि DMK की हार का एक कारण ऐसी विभाजनकारी सोच भी रही. संक्षेप में, मुस्तफा का बयान तमिलनाडु की राजनीति में सनातन धर्म, द्रविड़ आंदोलन की विचारधारा और हिंदू-विरोधी आरोपों के बीच चल रहे तनाव को फिर से उजागर करता है.