Mamata Banerjee court controversy : पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी का कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचना अब बड़ा राजनीतिक और कानूनी विवाद बन गया है. चुनाव बाद हिंसा से जुड़े मामले में अदालत परिसर पहुंचीं ममता बनर्जी ने जब वकील की पोशाक पहनी, तो कोर्ट परिसर का माहौल अचानक गरमा गया. वहां मौजूद लोगों के बीच “फाइल चोर” और “जय श्री राम” के नारे गूंजने लगे. इस घटनाक्रम ने न केवल राजनीतिक तापमान बढ़ाया, बल्कि उनकी कानूनी स्थिति को लेकर भी नए सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, वायरल वीडियो की ग्लोबल भारत टीवी पुष्टि नहीं करता है. ममता की भी प्रतिकिया सामने नहीं आई है.
ममता बनर्जी की इस कोर्ट उपस्थिति के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल को पत्र लिखकर उनके एनरोलमेंट और कानूनी प्रैक्टिस से जुड़े पूरे रिकॉर्ड मांगे हैं. BCI ने स्पष्ट रूप से पूछा है कि ममता बनर्जी बार काउंसिल में विधिवत पंजीकृत हैं या नहीं, उनका प्रैक्टिस सर्टिफिकेट वैध है या नहीं. कभी उनका लाइसेंस निलंबित हुआ था या नहीं और यदि हुआ था तो दोबारा बहाली कब हुई.
BCI ने इन सभी बिंदुओं पर 48 घंटे के भीतर विस्तृत जवाब तलब किया है. यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि अदालत में वकील की पोशाक पहनना केवल राजनीतिक प्रतीक नहीं, बल्कि पेशेवर और कानूनी पात्रता से भी जुड़ा विषय है.
विपक्ष ने इसे “ड्रामा” करार दिया है, जबकि समर्थक इसे संवैधानिक अधिकार बता रहे हैं. अब निगाहें बार काउंसिल की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि ममता की अदालत में मौजूदगी केवल राजनीतिक संदेश थी या विधिक रूप से पूरी तरह वैध. फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने बंगाल की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है.