Prateek Yadav Death Reason : लखनऊ के कारोबारी और मुलायम परिवार से जुड़े प्रतीक यादव सिर्फ एक राजनीतिक परिवार के सदस्य भर नहीं थे, बल्कि दो बड़े सेक्टर रियल एस्टेट और फिटनेस इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बना चुके थे. उनके बिजनेस नेटवर्क का सबसे अहम हिस्सा रियल एस्टेट था, जिसे विस्तार देने में उनकी पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती थी.
जानकारी के मुताबिक, 2012 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की; सरकार बनने के बाद अमन सिंह बिष्ट का कारोबारी दायरा तेजी से बढ़ा. 12 जुलाई 2012 से 29 अप्रैल 2016 के बीच अमन ने कुल 16 कंपनियों में डायरेक्टर या डिजिग्नेटेड डायरेक्टर के रूप में जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद एक मई 2018 को एक और कंपनी में डायरेक्टर बनाए गए.
इस तरह अमन कुल 17 कंपनियों से जुड़े, जिनमें अधिकांश रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी डीलिंग से संबंधित बताई जाती हैं. हालांकि, दस्तावेजों में अमन सिंह बिष्ट कई कंपनियों के डायरेक्टर थे, लेकिन करीबी सूत्रों का दावा है किया कि इन कारोबारों की वास्तविक रणनीति, निवेश और फैसलों की कमान प्रतीक यादव के हाथों में ही रहती थी. यानी अमन फ्रंट फेस थे, जबकि बिजनेस ऑपरेशन का बड़ा हिस्सा प्रतीक की निगरानी में चलता था.
प्रतीक यादव का दूसरा बड़ा फोकस फिटनेस इंडस्ट्री था, जहां उन्होंने लग्जरी जिम और हेल्थ बिजनेस के जरिए अलग पहचान बनाई, लेकिन 2017 में समाजवादी पार्टी की सत्ता जाने के बाद हालात बदलने लगे. प्रतीक के करीबी रहे एक दोस्त के मुताबिक, सत्ता परिवर्तन के बाद कारोबारी समीकरण भी बिगड़ने लगे और अमन व प्रतीक के बीच मुनाफे-नुकसान को लेकर तनाव बढ़ा.
कहा जाता है कि दोनों के बीच कई बार तीखी बहस भी हुई, हालांकि नुकसान कितना बड़ा था, इसे लेकर कभी खुलकर बात सामने नहीं आई. यही कारोबारी खींचतान आगे चलकर परिवार और बिजनेस दोनों के रिश्तों में दरार की वजह बनी या नहीं. यह अब भी चर्चा और अटकलों का विषय बना हुआ है.