नई दिल्ली: भारत सरकार ने ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास भारतीय झंडे वाले वाणिज्यिक जहाज 'हाजी अली' पर हुए मिसाइल हमले की सख्त आलोचना की है. विदेश मंत्रालय ने इस हमले को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर निर्दोष व्यापारिक जहाजों को बार-बार निशाना बनाना बेहद चिंताजनक है.
घटना 13-14 मई की रात ओमान तट के पास हुई. जहाज पर सवार सभी भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं. ओमान की मदद से उन्हें समय रहते बचाया गया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि भारत इस तरह के हमलों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं कर सकता. उन्होंने ओमान सरकार और स्थानीय अधिकारियों का भारतीय नाविकों की सुरक्षित निकासी में सहयोग करने के लिए आभार व्यक्त किया.
भारत ने स्पष्ट किया कि आम व्यापारिक जहाजों और साधारण नाविकों को लक्ष्य बनाना, उनकी जान को खतरे में डालना और वैश्विक समुद्री व्यापार को बाधित करना पूरी तरह अनुचित है.
हमलावर की पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं
भारत ने यह नहीं बताया कि हमला किसने किया. यह घटना होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में बढ़े तनाव के बीच हुई है, जहां अमेरिका-ईरान संघर्ष के चलते स्थिति पहले से ही नाजुक बनी हुई है. फिलहाल अस्थायी युद्धविराम है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकला है.
फरवरी 2026 से ईरान ने ओमान के आसपास कई ठिकानों, खासकर डुक्म और सलालाह पोर्ट पर हमले किए हैं.
इनमें ड्रोन और मिसाइल हमले शामिल हैं, जिनमें अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है. सलालाह पोर्ट पर हुए हमलों में ईंधन टैंक में आग लगी और बंदरगाह की कई सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुईं. ओमान ने इन घटनाओं में अपनी तटस्थता बनाए रखने की कोशिश की है और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है, साथ ही अपनी संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा भी की है.