नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में सोशल मीडिया पर उनके और अदालत के खिलाफ अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने वाले कुछ प्रतिवादियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का फैसला कर लिया है. जस्टिस शर्मा ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान कहा, ''मैं चुप नहीं रह सकती.'' उन्होंने स्पष्ट किया कि शाम 5 बजे इस संबंध में विस्तृत आदेश सुनाया जाएगा.
क्या कहा जस्टिस शर्मा ने?
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अदालत में कहा, ''आज मैं एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) के नामों का ऐलान करने वाली थी. कुछ वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने सहमति भी जताई थी. लेकिन इस बीच मेरे संज्ञान में आया कि मेरे और इस अदालत के खिलाफ बेहद अपमानजनक और निंदनीय सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट की जा रही है. मैं इस पर चुप नहीं रह सकती. इसलिए मैंने कुछ प्रतिवादियों और अन्य अवमानना करने वालों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का फैसला किया है.'' उन्होंने आगे कहा कि आदेश तैयार है और शाम 5 बजे इसे सुनाया जाएगा. इसके बाद ही वे इस मामले में आगे की कार्यवाही तय करेंगी.
पूरा विवाद क्या है?
यह घटनाक्रम कथित दिल्ली शराब घोटाले के मामले से जुड़ा है. सीबीआई ने फरवरी के अंत में ट्रायल कोर्ट के 12 आरोपियों को आरोपमुक्त करने के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक समेत आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत का बहिष्कार कर दिया था.
केजरीवाल ने जज पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए केस को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की मांग की थी. उन्होंने ओपन लेटर भी लिखा था और जस्टिस शर्मा के आरएसएस से जुड़े कार्यक्रम में जाने का हवाला देते हुए हितों के टकराव का आरोप लगाया था. इस दौरान सोशल मीडिया पर जस्टिस शर्मा के खिलाफ काफी अपमानजनक पोस्ट और टिप्पणियां वायरल हुईं, जिस पर अब जज ने स्वयं संज्ञान लिया है.