बांग्लादेश सरकार (Bangladesh Government) ने भारत में उसके नागरिकों पर जारी बयानबाजी को लेकर आपत्ति जताई है और मोदी सरकार (Modi Government) से इसे रोकने के लिए कहा है. मीडिया रिपोर्ट से जानकारी मिली है कि बयानबाजी को लेकर बांग्लादेश सरकार ने भारत सरकार (Indian Government) से संपर्क किया है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार (Bangladesh Interim Government) की तरफ से कहा गया है कि भारतीय नेताओं को बांग्लादेशी लोगों के खिलाफ टिप्पणी करने से बचना चाहिए.
अंतरिम सरकार ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) के बयान पर भी आपत्ति जताई है. बता दें कि हाल ही में अमित शाह (Amit Shah) ने झारखंड सरकार (Jharkhand Government) पर बांग्लादेशियों के घुसपैठ (Bangladeshi infiltration) को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था. एक अंग्रेजी अखबर की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, बांग्लादेश की सरकार ने ढाका स्थित भारतीय दूतावास में एक नोट दिया है, जिसमें उन्होंने नाराजगी जाहिर की है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि बांग्लादेश ने भारत सरकार से कहा है कि वह अपने नोताओं को बांग्लादेशी जनता के खिलाफ आपत्तिजनक और अस्वीकार्य बात बोलने से बचने की सलाह दे. बांग्लादेशी सरकार की तरफ से कहा गया है कि जिम्मेदार नेताओं की तरफ से आपत्तिजनक बयानबाजी से दोनों देशों के बीच संबंध पर प्रभाव डाल सकता है.
दरअसल, हाल ही में गृहमंत्री अमित शाह ने वोट के लिए झारखंड सरकार पर बांग्लादेशियों को घुसपैठ कराने का आरोप लगाया था. साथ ही उन्होंने दावा किया था कि अगर ध्यान नहीं दिया गया तो 2030 तक अप्रवासी झारखंड में बहुसंख्यक हो जाएंगे. उन्होंन कड़े शब्दों में कहा था कि यहां घुसपैठियों की जगह नहीं है. अमित शाह ने दावा किया था कि घुसपैठिए हमारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं, बैटियों से शादी और आदिवासी संस्कृति को तबाह कर रहे हैं, इसलिए हम हर एक घुसपैठिए को बाहर का रास्ता दिखा देंगे.
गौरतलब हो कि बांग्लादेश में शेख हसीना (Sheikh Hasina) की सरकार गिरने के बाद से हिंदुओं पर हमले शुरू हो गए थे, जिसपर भारत के कई नेताओं ने आवाज उठाई थी और भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की थी. वहीं देशभर में बांग्लादेश के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी हुए थे. भारत के लोगों ने बांग्लादेश पर हिंदुओं की रक्षा नहीं करने का आरोप लगाया था.