लखनऊ : पुलिस की ढील-मुल रवैया के खिलाफ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने एसपी बस्ती को चार घंटे तक कोर्टरूम में खड़ा कराकर रखा, जिसके बाद एसपी ने माफी मांगी. उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के एसपी आईपीएस डॉ. यशवीर सिंह को हाईकोर्ट ने चार घंटे तक कोर्ट में खड़ा कर रखा. न्यायालय में पुलिस के द्वारा दिए गए झूठे शपथ पत्र के बाद न्यायाधीश ने एसपी को तलब किया था और 4 घंटे तक कोर्ट में खड़ा कराया. कोर्ट ने कहा कि जिस व्यक्ति के पास जिले का प्रभाव हो, उसे अपने इंस्पेक्टर और सिपाही के जवाब पर सावधान रहना चाहिए. एसपी के द्वारा न्यायालय में माफी मांगी गई वहीं दोबारा गलती न दोहराने की बात कही.
बस्ती जिले में एक युवती की हत्या हो गई थी. हत्या से जुड़े मामले में पुलिस की ओर से कोर्ट में गलत तथ्यों के साथ शपथ पत्र दिया गया था, इसके साथ ही सही समय पर रिपोर्ट भी कोर्ट में नहीं दाखिल की गई थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सबूत सामने नहीं मिले थे, जिसे पुलिस ने अपनी जांच में शामिल किया था. कोर्ट के द्वारा खामियां मिलने के बाद एसपी डॉ. यशवीर सिंह को तलब किया गया था. कोर्ट ने एसपी को तलब करने के बाद 4 घंटे तक कोर्ट रूम में खड़ा कराकर रखा. न्यायाधीश ने कहा कि जिसके पास जिले का प्रभार हो. उसे कॉन्स्टेब और इंस्पेक्टर द्वारा दी गई जानकारी के प्रति सचेत रहना चाहिए. एसपी ने कोर्ट में माफी मांगी है.
2010 बैच के आईपीएस अफसर डॉ. यशवीर सिंह की गिनती तेजतर्रार अफसर में की जाती है. पशु चिकित्सक के बाद यूपीएससी UPSC क्वालीफाई करके आईपीएस बने हैं. बस्ती से पहले यशवीर सिंह गाजीपुर और सोनभद्र जैसे जनपदों में कमान संभाल चुके हैं और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर चुके हैं. हाई कोर्ट के द्वारा कोर्ट रूम में खड़ा कराए जाने के बाद एसपी फिर सुर्खियों में आ गए हैं.