पटना: बिहार के भोजपुर जिले में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को तेजी से कार्रवाई करते हुए परिवार की मांगों पर तुरंत अमल दिखाया. भरत तिवारी की मां आशा देवी समेत परिजनों से मुलाकात के कुछ घंटों के अंदर ही जगदीशपुर के एसडीओ साकेत कुमार को पद से हटा दिया गया, जबकि डीएसपी राजेश शर्मा को भी नई पोस्टिंग से वापस पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया.
भरत तिवारी के परिजनों ने शुक्रवार को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर मुलाकात की. परिवार ने अपनी शिकायतें और मांगें रखीं, जिसके बाद सीएम ने उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया. मुलाकात के तुरंत बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने जगदीशपुर एसडीओ (अनुमंडल पदाधिकारी) साकेत कुमार को हटाकर उन्हें पटना में सामान्य प्रशासन विभाग में वापस बुला लिया.
एसडीओ पर क्या था आरोप?
परिवार का आरोप है कि भरत तिवारी बिलौटी गांव के पास बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास का मुद्दा लगातार उठा रहा था. उसने जगदीशपुर एसडीओ से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. बल्कि एक बार एसडीओ कार्यालय में गार्ड ने उसके साथ मारपीट भी की. भरत सोशल मीडिया पर प्रशासन की कथित ढिलाई के खिलाफ आवाज उठाता रहा और एसडीओ को चुनौती भी देता था. 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में उसकी मौत हो गई.
डीएसपी राजेश शर्मा क्यों हटाए गए?
एनकाउंटर के समय जगदीशपुर के एसडीपीओ रहे डीएसपी राजेश शर्मा पर परिवार ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है. पहले उन्हें एसडीपीओ पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भेजा गया था, लेकिन बाद में उन्हें मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो में पोस्टिंग दे दी गई, जिस पर परिवार ने सवाल उठाए थे. अब गृह विभाग ने उन्हें इस पद से भी हटाकर पुलिस मुख्यालय में पदस्थापना की प्रतीक्षा में भेज दिया है.
यह कार्रवाई परिवार की सीएम से मुलाकात के बाद हुई है, जिससे बिहार सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही का संदेश मिल रहा है. परिवार न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है, जबकि सरकार ने न्यायिक आयोग का गठन पहले ही कर दिया था. मामला अभी भी गर्म है और आगे की जांच तथा कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.