नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के निलंबित तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर ने रविवार को बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि वे आगामी चुनावों से पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ गठबंधन की बातचीत कर रहे हैं. कबीर ने कहा कि प्रस्तावित गठजोड़ का मकसद बंगाल में भाजपा और टीएमसी दोनों को रोकना है.
यह बयान उन्होंने बेलडांगा में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ‘बाबरी मस्जिद’ स्टाइल की मस्जिद का शिलान्यास करने के कुछ घंटे बाद दिया. यह कार्यक्रम 6 दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद ढहाए जाने की बरसी के साथ जानबूझकर आयोजित किया गया था. दोपहर में कुरान पाठ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, इसके बाद शिलान्यास समारोह हुआ.
कबीर ने दावा किया कि इसमें हजारों लोग शामिल हुए, जिनमें सऊदी अरब से आए दो मौलाना भी थे. दिन भर स्थानीय लोग समूहों में ईंटें लेकर प्रस्तावित मस्जिद स्थल पर पहुंचते रहे. इस विवादास्पद प्रोजेक्ट के कारण कुछ दिन पहले ही कबीर ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम को बाधित करने की साजिशें रची जा रही थीं, लेकिन पुलिस और जिला प्रशासन ने पूरा सहयोग दिया.
मामला कलकत्ता हाईकोर्ट भी पहुंचा था. कोर्ट ने निर्माण कार्य में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, लेकिन ममता बनर्जी सरकार को कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया. सत्ताधारी टीएमसी ने इस प्रोजेक्ट और हुमायूं कबीर दोनों से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है.
पार्टी ने इसके बजाय पूरे राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव बढ़ाने के लिए ‘संहति दिवस’ मनाने का फैसला किया है. कांग्रेस और भाजपा के साथ पहले जुड़े रहे कबीर अब AIMIM के साथ बातचीत आगे बढ़ाते हुए नई राजनीतिक जमावट की तैयारी करते नजर आ रहे हैं.