नई दिल्ली: महाराष्ट्र की सभी 288 विधानसभा सीटों पर 20 नवंबर को मतदान होने वाले हैं. वहीं, चुनाव के परिणाम 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. इसी बीच महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election) से पहले मैटराइज सर्वे (Materise Survey) सामने आया है. इसमें राज्य में महायुति (Mahayuti) या महाविकास अघाड़ी (Mahavikas Aghadi) में से किसकी सरकार बनने जा रही है? इसका खुलासा सर्वे ने किया है. मैटराइज सर्वे के मुताबकि महाराष्ट्र में भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी वाले गठबंधन 'महायुति' के राज्य में सरकार बनाने का अनुमान है. जबकि, कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एसपी) को झटका लगने जा रहा है.
सर्वे के अनुसार महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों में से महायुति गठबंधन को 145-165 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि विपक्षी एमवीए को 106-126 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है. वोट शेयर के मामले में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के विपक्ष पर भारी पड़ने की संभावना है. भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को 47 प्रतिशत वोट शेयर मिलने की संभावना है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को 41% वोट शेयर मिलने की उम्मीद है. सर्वे में अन्य को 12% तक वोट शेयर मिलने के कयास लगाए गए हैं. मैटराइज के सर्वे में भाजपा को पश्चिमी महाराष्ट्र, विदर्भ और ठाणे-कोंकण क्षेत्रों में भारी जनसमर्थन मिलता दिख रहा है, जहां उसे क्रमशः 48%, 48% और 52% वोट शेयर मिलने की संभावना है.
वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाली एमवीए को उत्तर महाराष्ट्र और मराठवाड़ा जैसे क्षेत्रों में 47% और 44% वोट शेयर मिलने की संभावना है. मैटराइज सर्वे के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फेस के लिए एकनाथ शिंदे सबसे पसंदीदा चेहरे बने हुए हैं. महाराष्ट्र के लोगों से जब ये पूछा गया कि सीएम पद के लिए उनकी पसंद कौन है तो 40% लोगों ने एकनाथ शिंदे के पक्ष में सहमति जताई है, वहीं उद्धव ठाकरे 21% और देवेंद्र फडणवीस को 19% लोगों ने सीएम फेस के लिए समर्थन दिया. 65% से अधिक लोगों ने शिंदे के कामकाज से संतुष्टि जताई है, जिसमें 42% ने बहुत अच्छा और 27% ने औसत बताया है.
2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति के खराब प्रदर्शन के संभावित कारणों पर पूछे जाने पर, लगभग 48% लोगों ने इसका कारण शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में विभाजन को बताया है. मैटराइज का ये सर्वे 10 अक्टूबर से 9 नवंबर के बीच में किया गया है. सैंपल साइज की बात करें तो सर्वे में राज्य के 1,09,628 लोगों की राय ली गई है. इसमें 57 हजार से अधिक पुरुष, 28 हजार महिलाएं और 24 हजार युवाओं की राय शामिल है.
वहीं झारखंड चुनाव (Jharkhand Assembly Elections) को लेकर सर्वे में बताया गया है कि झारखंड में सत्ता परिवर्तन होने जा रहा है. राज्य में भाजपा गठबंधन की सरकार बनने जा रही है, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राजद गठबंधन को बड़ा झटका लगने जा रहा है. झारखंड में हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन होने का इतिहास रहा है. 81 सीटों वाली झारखंड विधानसभा में बहुमत के लिए 41 सीटों की जरूरत होती है. मैटराइज सर्वे के अनुसार, झारखंड में भाजपा गठबंधन को 45 से 50 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है. वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक के 18 से 25 सीट जीतने की आशंका जताई गई है. वहीं, अन्य के खाते में 2 से 5 सीट मिलने की उम्मीद है.

साल 2019 के विधानसभा चुनावों में जेएमएम के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 47 सीटें जीतीं, जबकि एनडीए को 25 सीटें मिली थी. वोट प्रतिशत की बात करें तो, मैटराइज सर्वे के अनुसार भाजपा गठबंधन को 53 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिलने की उम्मीद है. जबकि, जेएमएम-कांग्रेस और आरजेडी गठबंधन का वोट शेयर 27.9 फीसदी रह सकता है. वहीं, अन्य को 18.9 प्रतिशत वोट शेयर का अनुमान जताया गया है.
मैटराइज सर्वे के अनुसार, कोल्हान (चाईबासा), दक्षिणी छोटानागपुर (रांची), पलामू (मेदिनीनगर) में जहां भाजपा और उसके सहयोगी दल की पकड़ मजबूत होती दिखाई दे रही है. वहीं, जेएमएम गठबंधन को इन पांच क्षेत्रों में भारी सीटों का नुकसान होने का अनुमान है. झारखंड में रीजन वाइज सीटों की बात करें तो, मैटराइज सर्वे के अनुसार संथाल परगना की 18 सीटों में से भाजपा गठबंधन को 6 से 9 सीटें मिल सकती है, वहीं जेएमएम गठबंधन को 4 से 10 सीटें मिलने का अनुमान है. उत्तरी छोटानागपुर (हजारीबाग) की 25 सीटों में भाजपा गठबंधन को 14 से 17 और जेएमएम गठबंधन को 0-4 सीट मिलने की उम्मीद जताई गई है. कोल्हान में, जेएमएम को चंपई सोरेन के बीजेपी में शामिल होने के बाद भारी नुकसान होता दिखाई दे रहा है.
सर्वे में कोल्हान क्षेत्र में जेएमएम और उसके सहयोगियों की करारी हार का अनुमान लगाया गया है, जिसमें करीब 14 निर्वाचन क्षेत्र हैं. वोट शेयर के मामले में भी भाजपा को इंडिया ब्लॉक पर बढ़त मिलने का अनुमान है. कोल्हान क्षेत्र में अकेले भाजपा को 42 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिलने की उम्मीद है, जबकि पलामू क्षेत्र में 47% से ज़्यादा वोट शेयर मिलने की उम्मीद है.
इसके अलावा मैटराइज सर्वे में बाबूलाल मरांडी झारखंड के मुख्यमंत्री के लिए सबसे लोकप्रिय चेहरा बनकर उभरे हैं. राज्य में लोगों से जब ये पूछा गया कि सीएम पद के लिए उनकी पसंद कौन है, तो लगभग 44% लोगों ने बाबूलाल मरांडी का नाम लिया है. जबकि, हेमंत सोरेन को 30% लोगों ने मुख्यमंत्री का पसंदीदा चेहरा बताया है. मैटराइज का सर्वे 15 अक्टूबर से 9 नवंबर के बीच में किया गया है. सैंपल साइज की बात करें तो सर्वे में राज्य के 63,842 लोगों की राय ली गई है. इसमें 30 हजार से अधिक पुरुष, करीब 21 हजार महिलाएं और 11 हजार युवाओं की राय शामिल है.