Mahakumbh Stampede Big Revelation: महाकुंभ भगदड़ को चार दिन बीत गए हैं, लेकिन कुछ ऐसे सवाल हैं जो अभी भी लोगों के जहन में घूम रेहें कि भगदड़, का जिम्मेदार कौन है. महाकुंभ में मौत का असली आकड़ा क्या है? 30 जो सीएम ने बताए, 40 जो मीडिया ने बताए, या 58 जो एक चैनल के स्टिंग ऑपेरशन में आए? या फिर 200 जो चश्मदीद बता रहे हैं? कोई तो ऐसा अधिकारी, तंत्र का हिस्सेदार होगा जो सच बताएगा? भगदड़ कुल तीन जगह हुई, तो सरकार ने सिर्फ एक भगदड़ की बात ही क्यों कबूली? झूसी साइड वाली तस्वीर तो और डरावनी है...और फाफामऊ वाली तस्वीर पर भी सरकार चुप क्यों है? DIG वैभव कृष्ण को साल 2020 में सस्पेंड किया गया था. उनपर एक महिला ने गंभीर आरोप लगए थे, जब योगी से पूछा गया तो उन्होंने बेशर्म अधिकारी कहा था. जिसका वीडियो वायरल हो रहा है, तो फिर उन्हें मेला क्षेत्र की जिम्मेदारी क्यों दी गई? पत्रकारों को सच दिखाने से क्यों रोका जा रहा है? प्रयागराज के सरकारी अस्पताल में जब एक चैनल के रिपोर्टर पहुंचे तो उन्हें ADM रैंक का अधिकारी धक्का मारकर क्यों भगाता है? जब एक चैनल का रिपोर्टर DIG से दूसरी भगदड़ का सवाल पूछता है तो वो चुप क्यों हो जाते हैं? क्या ये साज़िश है? जब महाकुंभ में योगी को पूरा कंट्रोल दिया गया तो अधिकारियों की नियुक्ति ही सवालों के घेरे में क्यों है? उस दिन जो हुआ था उसका वीडियो जारी क्यों नहीं किया जाता है? यह वीडियो देखें...