इस बार बिहार और आंध्र को मिलेगा विशेष राज्य का दर्जा? नीतीश के मंत्री ने उठाई मांग

Global Bharat 06 Jun 2024 09:49: PM 2 Mins
इस बार बिहार और आंध्र को मिलेगा विशेष राज्य का दर्जा? नीतीश के मंत्री ने उठाई मांग

लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद देशभर में चर्चाओं का दौर जारी है कि इस बार एनडीए सरकार का मंत्रिमंडल कैसा होगा. क्योंकि बीजेपी 272 का आंकड़ा छूने में असफल रही है. ऐसे में सरकार बनाने में नीतीश कुमार की अगुवाई वाली पार्टी JDU और चंद्रबाबू नायडू की अगुवाई वाली पार्टी TDP की भूमिका काफी अहम हो गई है. दोनों ही पार्टियों की आकांक्षाए हैं. ऐसे माना जा रहा है कि नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू दोनों ही अपने-अपने राज्य के लिए विशेष दर्जे की मांग कर सकते हैं.

हालांकि यह निश्चित नहीं है कि दोनों ही नेता ऐसा करेंगे. लेकिन राजनीति विशेषज्ञों का मानना है कि नीतीश कमार और चंद्रबाबू नायडू दोनों के लिए यह अच्छा मौका है. मीडिया रिपोर्टों से जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी और राज्य के मंत्री विजय चौधरी ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग कर दी है.

लंबे समय से बिहार की रही है मांग

दरअसल, बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी ने कहा हम लोग जो पहले से कहते रहे हैं कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा, विशेष मदद, विशेष पैकेज मिलना चाहिए और हम लोग ये स्व कारण कहते हैं इसलिए की हमारे संसाधन सीमित हैं और उस पर भी हम लोग सबसे तेज गति से तरक्की कर रहे हैं और फिर भी दो सच्चाई है कि हम लोग सभी मानकों पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन फिर भी गरीबी के पैमाने पर हम गरीब रह जा रहे हैं, मतलब ये अपने आप में साबित करता है कि बिहार को जब इतना सुशासित प्रदेश है पर वैसे प्रदेश को विशेष मदद मिलना चाहिए.

2017 में चंद्रबाबू नायडू ने की थी मांग

वहीं TDP प्रमुख चंद्रबाबू नायडू की भी लंबे समय से आंध्र प्रदेश के लिए यही मांग है. उन्हें भी अपने राज्य के लिए विशेष दर्जा चाहिए. चंद्र बाबू नायडू भी विशेष राज्य के दर्जे के लिए काफी समय से अभियान चला रहे हैं. बता दें कि जब साल 2014 में आंध्र प्रदेश का बंटवारा हुआ और तेलंगाना अलग राज्य बना तो आंध्र के राजस्व के एक बड़े हिस्से का नुकसान हुआ. इसके बाद नायडू ने साल 2017 में राज्य के लिए विशेष दर्जा देने की मांग उठाई थी.

विशेष राज्य का दर्जा मिलने पर क्या होता है

दरअसल, स्पेशल स्टेट्स का दर्जा उन राज्यों को दिया जाता है, जो देश के बाकी हिस्सों की तुलना में पिछड़े हुए हैं. ऐसे राज्यों को विकसित करने के लिए केंद्र सरकार के स्पेशल एटेंशन की जरूरत पड़ती है. विशेष राज्य का दर्जा मिलने के बाद से प्रदेश सरकार को कई तरह की छूट और अनुदान मिलने लगते हैं. साथ ही उन्हें विशेष राज्य का दर्जा देकर केंद्र की ओर से विशेष पैकेज, टैक्स में छूट जैसी राहत मिलती है, ताकि उन राज्यों में रोजगार, विकास, कारोबार का विकास हो सके

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