नई दिल्ली: सीएम नीतीश कुमार द्वारा 26 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत राज्यभर में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है. इस योजना के तहत हर परिवार की एक महिला को उसके पसंद के रोजगार हेतु 10000 रुपए की प्रारंभिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी. यह कार्यक्रम महिलाओं के आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
वहीं इस योजना का लाभ उठाने के लिए अब तक 242303 महिलाओं ने आवेदन भी कर दिया है, जिसमें से 151572 आवेदनों का सत्यापन भी कर लिया गया है. सत्यापित आपेदकों के लिए 10-10 हजार रुपए स्वीकृत की गई है. साथ ही 3781 महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों की सदस्यता भी ग्रहण की है. सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में 237756 महिलाओं ने आवेदन किया है.
बिहार सरकार की इस योजना का मकसद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है. ताकि राज्य महिलाएं भी अपने पैर पर खड़े हो सके. ग्रामीण विकास विभाग ने कहा है कि योजना की शुरुआत में महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपए भेजे जाएंगे. फिर छह महीने बाद मूल्यांकण कर 2 लाख रुपए तक की आतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी.
साथ ही राज्य सरकार ने उत्पादों की बिक्री के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हाट-बाजर विपणन केंद्र की स्थापना भी करेगी, ताकि महिलाएं आसानी से अपना उत्पाद बेच सके. विशेषज्ञ दावा करते हैं कि यह योजना न सिर्फ महिलाओं की आय को बढ़ाएगी, बल्कि राज्य में हो रहे पलायन पर भी लगाम लगेगा.