बिहार सरकार ने केंद्र के सहयोग एक ऐसी योजना लॉन्च की है, जो बिहार के किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होने वाले हैं. अब इस योजना के सहयोग से छोटे किसान भी करोड़पति बन सकते हैं. इस प्लान की खास बात यह है कि किसान केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की तरफ से सब्सिडी ले पाएंगे और बड़े किसानों के साथ-साथ छोटे किसान, जिसके पास 2-4 बीघा ही जमीन है वह भी लाभांवित हो सकते हैं. अर्थात जिस किसान के पास 2 से 10 बीघा तक जमीन है वे भी सालाना 50 लाख रुपए तक कमा सकते हैं.
दरअसल, बिहार सरकार ने कुसुम योजना से मिलती-जुलती ही एक योजना लॉन्च की है. इसे लेकर बिहार सरकार ने 1235 सोलर प्लांट लगाने के लिए टेंडर भी जारी किया था. वहीं टेंडर भरने की अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी इसकी अवधी बढ़ा दी गई, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान लाभांवित हो सके. बता दें कि इन दिनों देशभर में इस योजना की खूब चर्चा हो रही है. इसका उद्देश्य राज्य के किसानों की आय को बढ़ाना है.
योजना के तहत किसान सरकारी सब्सिडी पर अपनी जमीन पर सोलर पावर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन कर सकते हैं और उसी बिजली को राज्य सरकार को बेच सकते हैं. वहीं राज्य सरकार बिजली खरीदने के साथ-साथ उक्त किसान को कई और सुविधाएं भी देगी. योजना के तहत किसान ढाई एकड़ से लेकर पौने चार एकड़ जमीन तक या इससे ज्यादा पर एक से 10 मेगावाट तक बिजली उत्पादन कर सकते हैं.
क्या हैं पीएम कुसुम योजना?
इस योजना के तहत, सरकार द्वारा आने वाले 10 वर्षों में 17.5 लाख डीजल पम्पो और 3 करोड़ खेती उपयोगी पम्पो को सोलर पम्पो मे बदलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस योजना के तहत सोलर पंप लगाने से सोलर उत्पादों को बढ़ाने मे मदद मिलेगी. हाल ही में मोदी सरकार ने देश में साल 2026 तक करीब 34800 मेगावाट की सौर क्षमता से जोड़ने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए मोदी सरकार ने करीब 34422 करोड़ रुपए वित्तीय सहायता राशि भी जमा कर दिया है. इसके साथ ही बिहार में योजना को शुरू करने के लिए मंजूरी भी दे दी गई है.
हाल ही में बिहार के ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव संजीव हंस ने एक निजी न्यूज चैनल से बात की थी. इस दौरान उन्होंने कहा था कि पीएम कुसुम योजना देश में बहुत पहले चल रही है, लेकिन बिहार में जमीन कम होने की वजह से छोटे किसानों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है और अब बिहार के किसान भी ढाई एकड़ जमीन से लेकर पौने चार एकड़ में सोलर प्लांट लगाकर लाखों रुपए कमा सकते हैं.
उन्होंने बताया कि कुसुम योजना को ही राज्य में फीडर सोलराइजेशन (सौरीकरण) योजना नाम दिया गया है. इस योजना के तहत किसान को न सिर्फ बिहार सरकार के सब्सिडी का लाभ मिलेगा, बल्कि केंद्र सरकार के कुसुम योजना के लिए मिलने वाले सब्सिडी का भी लाभ मिलेगा. राज्य सरकार ने इसके लिए 1200 करोड़ रुपए का फंड निर्धारित किया है.
बता दें कि योजना के तहत भारत सरकार प्रति मेगावाट 1 करोड़ 5 लाख रुपए और बिहार सरकार 50 लाख रुपए सब्सिडी भी दे रही है. इच्छुक किसान बिहार सरकार के https://eproc2.bihar.gov.in पर जाकर इस योजना से संबंधित और जानकारी ले सकते हैं.