पटना: NEET पेपर लीक विवाद के बीच बिहार सरकार ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार ने पेपर लीक को संगठित अपराध (Organized Crime) की श्रेणी में रखने का फैसला किया है.
इससे अब ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई और सख्त सजाओं का प्रावधान होगा. आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार सरकार पेपर लीक माफिया पर शिकंजा कसने के लिए नए और कड़े नियम बनाने जा रही है. इस फैसले का मकसद परीक्षा प्रणाली की पवित्रता बनाए रखना और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को चेतावनी देना है.
क्यों लिया गया यह फैसला?
इस कदम से जांच एजेंसियों को और ज्यादा ताकत मिलेगी. दोषियों पर NDPS या अन्य सख्त कानूनों की तरह गंभीर धाराएं लगाई जा सकेंगी. सरकार का कहना है कि छात्रों का विश्वास बहाल करना और परीक्षाओं को निष्पक्ष बनाना इसकी प्राथमिकता है. NEET विवाद अभी भी पूरे देश में गर्माया हुआ है. केंद्र सरकार की ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा के बाद अब राज्य स्तर पर भी सख्ती बढ़ती दिख रही है. बिहार का यह फैसला अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है.