पटना : बिहार की सियासत में 25 साल बाद ऐसा भूचाल आया है, जिसने पूरे सत्ता समीकरण को हिला दिया है. न आरजेडी न ही जेडीयू, इस बार बाजी पूरी तरह बदल गई है. जिस राजनीतिक बदलाव को अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी जैसे दिग्गज भी पूरा नहीं सके, उसे नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने कर दिखाया. बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी चौधरी बनेंगे, जिन पर कभी अमित शाह ने बड़ा दांव खेलते हुए उन्हें बड़ा नेता बनाने का दावा किया था. यह दावा हकीकत बन चुका है.
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने की कहानी 2023 में ही शुरू हो चुकी थी. भाजपा ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया था. सम्राट के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद बिहार में बड़ी जनसभा का आयोजन हुआ था. इस जनसभा में अमित शाह ने मंच से सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बनाने का दावा किया था. 2025 विधानसभा चुनाव में भी अमित शाह ने मंच से कहते थे कि सम्राट को बड़ा आदमी बनाऊंगा. विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड जीत दर्ज की थी. जीत के बाद नीतीश मुख्यमंत्री बने, लेकिन पांच महीने बाद अमित शाह ने सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बना दिया. 25 सालों के बाद नीतीश ने इस्तीफा दिया और कमान सम्राट चौधरी के हाथों में आ गया. सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार की सरकार चलेगी.
पिता से सीखा राजनीति गुर
सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी बिहार बिहार के दिग्गज नेता थे. उनके पिता मंत्री रह चुके हैं. पिता से ही उन्होंने राजनीति की बात क्यों को सीखा था, जिसके बाद राजनीतिक दंगल में हाथ आजमाने उतरे. छात्र राजनीति शुरू करने के बाद 2010 में पहली बार सम्राट चौधरी जेडीयू से विधायक बने थे. 2015 के चुनाव में उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा. 2018 में बीजेपी से एमएलसी बने. बिहार में एनडीए सरकार में मंत्री रहे. 2023 में उन्होंने बीजेपी में वापसी की और मुख्यमंत्री बन गए हैं.