नई दिल्ली: नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. ब्रिटेन की अदालत ने हाल ही में उनके मामले को दोबारा खोलने की आखिरी याचिका को खारिज कर दिया, जिससे भारत उन्हें वापस लाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है. सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एक विशेष टीम लंदन पहुंच चुकी है. यह टीम ब्रिटिश अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है ताकि कागजी कार्यवाही और सुरक्षा संबंधी इंतजामों को अंतिम रूप दिया जा सके.
किसी भी समय विशेष विमान से नीरव मोदी को भारत लाया जा सकता है. नीरव मोदी 2018 के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी हैं, जिसमें हजारों करोड़ रुपये का सार्वजनिक धन शामिल है. उन्होंने ब्रिटेन की अदालतों में लंबे समय तक कानूनी लड़ाई लड़ी, जिसमें भारत की जेलों की स्थिति और मानवाधिकारों का मुद्दा उठाया गया था. लेकिन लंदन हाई कोर्ट ने भारत सरकार के दिए गए आश्वासनों को मान्य मानते हुए उनकी सभी दलीलों को ठुकरा दिया. मार्च 2026 के अंत में आए इस फैसले के बाद उनके पास ब्रिटेन में कोई बड़ा कानूनी विकल्प नहीं बचा है.
यह विकास मोदी सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे आर्थिक भगोड़ों के खिलाफ सख्त रुख का संदेश जाता है. भारत ने पिछले वर्षों में ऐसे मामलों में कूटनीतिक और कानूनी प्रयास तेज किए हैं.
नीरव मोदी को भारत पहुंचने के बाद मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखे जाने की तैयारी है, खासकर बैरक नंबर 12 में. सरकार पहले ही ब्रिटिश अदालत को आश्वासन दे चुकी है कि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. यहां पहुंचते ही उन्हें विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, और फिर धोखाधड़ी व मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की सुनवाई तेज हो जाएगी.
कुल मिलाकर, जांच एजेंसियां अब इस भगोड़े कारोबारी को जल्द से जल्द ट्रायल के लिए भारत लाने पर जोर दे रही हैं. प्रक्रिया पूरी तरह ऑपरेशनल मोड में है, इसलिए आने वाले दिनों में कोई भी नया अपडेट आ सकता है.