लखनऊ : अंबेडकर जयंती पर मंच से योगी आदित्यनाथ ने सियासत का बड़ा संदेश दिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जैसे ही माइक संभाला, पूरा ध्यान सामाजिक न्याय और विकास की राजनीति पर रहा. उन्होंने साफ कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को सिर्फ याद करना काफी नहीं, उन्हें जमीन पर उतारना ही असली सम्मान है. सपा शासनकाल में दलित महापुरुषों के जनपदों का नाम बदलने पर योगी ने करारा हमला बोला. सपा पर प्रहार के बाद लाल टोपी और नीला गमछा की सियासतदानों की नींद उड़ गई होगी.
अंबेडकर जयंती पर असली सियासी हलचल तब मची जब योगी ने इशारों में ही विपक्ष पर करारा हमला बोला. बिना नाम लिए उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि कुछ लोग सिर्फ प्रतीकों और रंगों की राजनीति में उलझे रहे, जबकि असली काम से दूरी बनाए रखी. योगी का सीधा तंज अखिलेश यादव की लाल टोपी की पहचान पर था. योगी ने यह भी साफ कर दिया कि अब जनता नारे नहीं बल्कि काम देखती है.
बहा रहे घड़ियाली आंसू
योगी ने कहा कि सपा शासनकाल में दलित महापुरुषों के स्मारक को तोड़ने की खुलेआम धमकी देते थे. आज घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं. कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद गरीब, दलित और पिछड़ों के जीवन में अपेक्षित बदलाव नहीं लाया गया. अंबेडकर साहब को सम्मान नहीं मिला.
अंबेडकर के सपने हो रहे साकार
योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद यूपी के सियासी गलियारों में हलचल और तेज हो गई है. योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए दावा किया कि आज प्रदेश में विकास और कल्याणकारी योजनाएं हर वर्ग तक पहुंच रही हैं. उनका कहना था कि यही असली सामाजिक न्याय है, जो अंबेडकर के सपनों के अनुरूप है.