पटना: राज्य में कानून व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में बिहार पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं. यही कारण है कि विशेष कार्यबल (STF) और जिला पुलिस के संयुक्त अभियानों के चलते उग्रवादी गतिविधियां अब खड़गपुर और छक्कबरबंधा के कुछ सीमित पहाड़ी क्षेत्रों तक सिमट कर रह गई हैं, जिसपर आगामी तीन माह में नकेल कसने की उम्मीद जताई जा रही है.
इसी के साथ उग्रवादियों की गिरफ्तारी, रिजनल कमांडर और 15 लाख का ईनामी विवेक यादव की संदिग्ध मृत्यु इत्यादि, जमानत पर छूटे उग्रवादियों, प्रश्रयदाताओं/आर्थिक मददगारों पर करीब से निगरानी कार्य प्रारंभ है. झारखण्ड राज्य के सीमावर्ती जंगली पहाड़ी क्षेत्रों में अन्तर्राज्यीय सहयोग से उग्रवादियों के शरणस्थली, पुर्नगठन के प्रयासों एवं गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करने की योजना पर कार्य चल रहा है.
संगठित अपराधियों पर ठोस और सख्त कार्रवाई हेतु एसटीएफ में क्षेत्रवार कुल 15 एसओजी, अपराध विशेष से संबंधित कई सेल कार्यरत है. राज्य में घटित प्रमुख घटनाओं के साथ-साथ जनमानस पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली घटनाओं पर पूर्ण डाटाबेस तैयार कर आसूचना आधारित अभियान का लक्ष्य दिया गया है, जिसके लिए सभी एसओजी/ सेल में तकनीकी शाखा एवं HIT Team कार्यरत है, जो अपराधियों को दुर्दात/ टॉप-10/20 की सूची नियमित रूप से अद्यतन की जा रही है.
राज्य के बाहर, जेल में बंदी रहकर या राज्य से बाहर भागकर अपराध करने वाले अपराधियों, उनको प्रश्रय देने वाले पर लगातार निगरानी कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई है. पुलिस पर आक्रमण मामले अररिया/मुंगेर इत्यादि मामले में शीघ्र गिरफ्तारी की गई है और गिरफ्तारी के दौरान मुठभेड़ की गई है.
हथियारों के अवैध धंधेबाजों/फर्जी दस्तावेज पर व्यापार करने वालों/गोली की आपूर्ति करने वालों पर विशेष निगरानी कर सफलता हासिल किया गया. सरकार द्वारा गोली के क्रय-विक्रय पर विधिसम्मत नियंत्रण हेतु नीति को लागू किया जाना है.
एसटीएफ-डीआईयू के समन्वय को बेहतर करने हेतु मासिक बैठक/समीक्षा एवं प्रशिक्षण दिया जा रहा ह. तकनीकी सेल के द्वारा वर्त्तमान में डिजिटल प्लेटफर्म पर उन्नत तरीको से निगरानी रख जिलों को आसूचनाएं उपलब्ध कराने के साथ एसओजी की अभियान की सफलता को बढ़ाया गया है.