नई दिल्ली: तीन महीने बाद केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह, पीएम मोदी को बड़ा तोहफा देने वाले हैं...जिसकी तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं...ये तस्वीर, जिसमें शाह की ऊंगली पकड़े एक बच्ची दिख रही है इस बात की गवाही देती है कि बीजेपी का क्रेज साउथ में बढ़ रहा है, वहां मोदी पोंगल उत्सव का आयोजन हो रहा है, जिसमें भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, पर कहते हैं सियासत में सिर्फ तस्वीरों से सत्ता नहीं मिलती, इसके लिए मजबूत रणनीति बनानी पड़ती है, और शाह ने वही रणनीति 4 से 5 जनवरी 2025 को तमिलनाडु दौरे के दौरान बनाई...और साफ कहा इस बार मानसिकता बस लड़ाई लड़ने की नहीं, बल्कि पूर्ण जीत की तैयारी की रखनी होगी.
इसके अलावा हर बूथ पर मजबूत तैयारी के आदेश शाह ने दिए हैं...जिसका सीधा सा मतलब है तमिलनाडु में इस बार कमल खिलाने की पूरी तैयारी शाह ने कर ली है, और अपने भाषण में इस बात की गारंटी भी दे दी है कि यहां अप्रैल 2026 में सत्ता बदलने जा रही है...
शाह ने ये तक आरोप लगाए कि मौजूदा सरकार में तमिलनाडु का हिंदू त्रस्त है, स्टालिन सरकार अपने वादे पूरा करने में फेल रही है...वहां भ्रष्टाचार का बोलबाला बढ़ रहा है...ये ठीक वैसा ही है, जैसा ममता बनर्जी के राज बंगाल में हो रहा है...जहां 29-31 दिसंबर तक के दौरे पर पहुंचे शाह ने अनौपचारिक रूप से न सिर्फ चुनावी बिगूल फूंका, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं और आरएसएस पदाधिकारियों के साथ मीटिंग कर साफ कहा, बंगाल में बीजेपी दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाने जा रही है...
बंगाल के बारे में तो ये बात बिल्कुल सही है कि चिटफंड घोटाले से लेकर नौकरी घोटाले तक में ममता बनर्जी के पार्टी के नेताओं का न सिर्फ नाम है, बल्कि उनके कई मंत्री सलाखों के पीछे हैं..वहां आरजीकर मेडिकल कॉलेज से लेकर साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज तक में घिनौनी वारदात होती है, फिर भी महिला मुख्यमंत्री होने के नाते ममता बनर्जी लड़कियों को ही बाहर न निकलने की नसीहत देती हैं...जिसका विरोध वहां की सड़कों पर एक नहीं बल्कि कई बार होता नजर आता है...और हद तो तब हो जाती है, जब घुसपैठियों को रोकने और सीमा पर बाड़ लगाने के लिए केन्द्र सरकार जमीन मांगती है तो ममता सरकार नहीं मुहैया कराती...जिसका खुलासा शाह अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में करते हैं...
तो क्या ममता बनर्जी बंगाल के डेमोग्राफी को वोटबैंक की खातिर बदलना चाहती हैं, ये बड़ा सवाल है...शाह के दावे पर ममता की अलग दलीलें हैं, लेकिन बीजेपी ने बंगाल में इस बार 81 हजार बूथ में से, 65 हजार बूथ के लिए कमेटियां बना दी हैं. सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में ग्रासरूट कार्यकर्ताओं को मुस्तैद कर दिया है.
आने वाले महीनों में इस साल जब चुनाव होंगे तो ये तैयारियां टीएमसी पर भारी पड़ सकती हैं...शायद यही वजह है कि ममता ने अभी से मंदिर बनवाना शुरू कर दिया है, और स्टालिन ये कहने लगे हैं कि हमारे यहां हिंदू सुरक्षित हैं, पर अपने बेटे उदयनिधि स्टालिन के बयान पर वो क्या कहेंगे, जब बेटे ने कहा था सनातन डेंगू-मलेरिया की तरह है..इसे खत्म कर देना चाहिए...