Brij Bhushan Singh viral statement: महाराष्ट्र का भाषा विवाद ऐसा छिड़ा है कि ठाकरे बंधुओं पर खुलेआम गुंडागर्दी कराने का आरोप लग रहा है, मनसे के कार्यकर्ता हिन्दी भाषीयों पर अटैक कर रहे हैं, राज ठाकरे खुलेआम अपने लोगों को उकसा रहे हैं कि कोई हिन्दी बोले तो उसके कान के नीचे लगाओ लेकिन वीडियो मत बनाओ, जिसके बाद तमाम राजनीतिक पार्टियां दो धड़ों में बंटती जा रही है. एक तरफ स्टालिन जैसे नेता हैं जो ठाकरे के इस दादागिरी को खुला समर्थन दे रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के निशिकांत दुबे जैसे सांसद हैं जो ठाकरे को उन्हीं की भाषा में जवाब दे रहे हैं, अपने बयान में सीधे तौर पर कह रहे हैं कि महाराष्ट्र से बाहर निकल कर दिखाओ, तुम्हें पटक-पटक कर मारेंगे, हालांकि ऐसे कई और नेता भी हैं जो भाषा विवाद में राज ठाकरे को आड़े हाथों ले रहे हैं. लेकिन इस सबके बीच गोंडा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का एक बयान लगातार वायरल हो रहा है, जिसमे वो राज ठाकरे को खुल कर चुनौती देते हुए नजर आ रहे हैं, वो उस वीडियो में कह रहे हैं कि ये लोग कभी महाराष्ट्र से बाहर नहीं निकलते, हम तो चाहते हैं कि कहीं मुलाकात हो जाए, जब मुलाकात होगी तो दो-दो हाथ करके फैसला भी हो जाएगा. दरअसल ये बयान मार्च 2025 का ही है, जब मीडिया ने बृजभूषण सिंह से राज ठाकरे को लेकर सवाल पूछा था, इस सवाल के जवाब में उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा था
“ये मारते-पीटते तो हैं लेकिन ये महाराष्ट्र से बाहर नहीं निकलते, ये दरबे में रहते हैं, पहली बार बाहर निकल रहे हैं हम तो सोचते थे कभी एयरपोर्ट पर ही मुलाकात हो जाए, कभी बातचीत हो जाए दो-दो हाथ हो जाए, फैसला हो जाए, लेकिन आप तो उससे बाहर निकलते नहीं हो”
भाषा विवाद के बीच इस बयान को राज ठाकरे के लिए एक बड़ी चेतवनी के तौर पर पेश किया जा रहा है, ये सिर्फ एक बार ही नहीं है जब बृज भूषण सिंह ने राज ठाकरे को चेतावनी दी हो, बीजेपी सांसद साक्षी महाराज के होली मिलन समारोह में भी उन्होंने राज ठाकरे को चेताया था कि भूल कर भी उत्तर प्रदेश में आने की गलती मत करना, इस दौरान उन्होंने साफ कहा था कि जब तक राज ठाकरे उत्तर भारतीयों पर हमले करता था तो कांग्रेस उसे शह देने का काम करती थी, इसीलिए जब तक वो हिन्दी भाषीयों से माफी नहीं मांगेगा उसे अयोध्या में नहीं घुसने दिया जाएगा. दरअसल राज ठाकरे ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में जाने की इच्छा जाहिर की थी जिसके जवाब में पूर्व सांसद ने कहा था
"मुझे याद है महाराष्ट्र में राज ठाकरे जब- जब उत्तर भारतीयों की पिटाई करता था तब-तब कांग्रेस पार्टी उसे सिक्योरिटी देती थी. जब-जब हमारे उत्तर भारतीय जो मजदूरी करने गए हैं. कहीं काम करने जाते थे इंटरव्यू देने जाते थे. गरीब लोग थे उन्हें पीटने का काम करता था और कांग्रेस की सरकार उसे सुरक्षा देती थी. अयोध्या सबकी है, हमारी भी है, हर गरीब की है, और राज ठाकरे की भी है, देश के हर कोने से श्रद्धालु अयोध्या में दर्शन करने आते हैं, कहीं भी किसी का विरोध नहीं है, लेकिन मैंने राज ठाकरे का विरोध किया था, क्योंकि उसने महाराष्ट्र की धरती पर हमारे नौजवानों को पीटने का काम किया है, तुमने उत्तर भारतीयों को कीड़ा-मकोड़ा समझ रखा था, इसीलिए जब तक ये हमारे गरीबों, युवाओं और महिलाओं से सार्वजिनक माफी नहीं मांगेंगे तब तक रामलला के दर्शन नहीं करने दिए जाएंगे.”
बता दें कि 2022 में राज ठाकरे ने राम लला के दर्शन की इच्छा जताई थी लेकिन विरोध के बाद उन्होंने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया था, और यही वजह है कि अब एक बार फिर से महाराष्ट्र में जब उत्तर भारतीयों पर टारगेट करके हमला किया जा रहा है तो बृजभूषण सिंह का बयान वायरल हो रहा है.