बसपा की वरिष्ठ नेता मायावती ने हरियाणा में बड़ा सियासी दांव चल दिया है, जिससे राज्य में बीजेपी की परेशानी बढ़ सकती है. दावा किया जा रहा है कि हरियाणा में इनेलो और बसपा का गठबंधन हो गया है. इस लेकर इनेलो के प्रधान सचिव ने जानकारी दी है. उन्होंने कहा है कि हमलोगों ने निर्णय लिया है कि राज्य में विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगे.
वहीं बीएसपी नेता आकाश आनंद ने भी दोनों पार्टियो में सीटों को लेकर हुई चर्चा की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि हरियाणा में कुल 90 विधानसभा सीट है, इनमें 37 पर बीएसपी और बांकी पर इनेलो चुनाव लड़ेगी. साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री के फेस को लेकर भी खुलासा कर दिया है. आकाश आनंद ने बताया है कि चुनाव में जीत मिलने के बाद अभय चौटाला को मुख्यमंत्री बनाया जएगा.
इस दौरान अभय चौटाला ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी पर निशाना साधा. अभय चौटाला ने दावा किया है कि हरियाणा की वर्तमान राज्य सरकार अपराधियों को संरक्षण देती है. साथ ही अभय चौटाला ने सरकार बन जाने के बाद बिजली व्यवस्था को सुधारने की बात कही है.
बता दें कि दोनों दलों का यह तीसरा गठबंधन है. दोनों पार्टियों ने सबस पहले लोकसभा चुनाव के लिए साल 1996 में गठजोड़ किया था. उस समय बहुजन समाज पार्टी ने एक और इनेलो ने 4 लोकसभा सीटों को अपने खाते में कर लिया था. लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है. फिर दोनों पार्टियों ने 2018 और 2024 में मिलकर चुनाव लड़ा था.
बताया जाता है कि हरियाणा में बसपा यानी मायावती के बहुत सारे परंपरागत मतदाता हैं, जो किसी भी स्थिति में बसप को ही वोट करते हैं. वहीं इस गठबंधन को लेकर बता दें कि बसपा सुप्रीमो मायावती की इनेलो के साथ दिल्ली में बैठक हुई. एक घंटे की इस बैठक में ही गठबंधन और सीटों के बंटवारे पर निर्णय लिया गया है.