कोलकाता : साउथ दमदम म्युनिसिपैलिटी के तृणमूल कांग्रेस (TMC) काउंसलर संजय दास का शव उनके दमदम स्थित आवास से बरामद हुआ. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उनके घर के बाहर जुट गए. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संजय दास पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में बताए जा रहे थे. हालांकि, उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी.
संजय दास की पहचान केवल एक पार्षद के रूप में नहीं थी, बल्कि वे तृणमूल कांग्रेस के सक्रिय और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे. वह राजरहाट गोपालपुर सीट की पूर्व विधायक अदिति मुंशी के पति थे और पार्टी के कई बड़े नेताओं से उनकी नजदीकी बताई जाती थी. उनकी अचानक मौत से TMC कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक का माहौल है.
इस घटना ने राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं. पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है. बीजेपी की सरकार बनने के बाद कई पुराने राजनीतिक समीकरण बदलते दिखाई दे रहे हैं. ऐसे समय में एक सक्रिय TMC नेता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है.
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनी बीजेपी सरकार के दौरान अब आसनसोल के बर्नपुर इलाके में एक और तृणमूल कांग्रेस कार्यालय पर कार्रवाई की गई है. शनिवार को बर्नपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित टीएमसी पार्षद अशोक रुद्र के पार्टी कार्यालय को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया. प्रशासन का दावा है कि यह कार्यालय सेल-आईएसपी (इंडियन आयरन एंड स्टील कंपनी) की जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया था.
कार्रवाई के दौरान स्थानीय प्रशासन, सेल अधिकारियों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी रही. अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित पक्ष को पहले कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया. इसके बाद मजबूरन बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी। पिछले कुछ दिनों में बर्नपुर इलाके में यह चौथा टीएमसी कार्यालय है जिस पर प्रशासन ने कार्रवाई की है.
इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति भी गरमा गई है. ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर विपक्षी दलों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है. टीएमसी नेताओं का कहना है कि चुन-चुनकर उनके पार्टी दफ्तरों को तोड़ा जा रहा है और इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई के तौर पर देखा जाना चाहिए.
हालांकि सेल प्रबंधन और प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है. अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल सरकारी और औद्योगिक जमीनों से अवैध कब्जे हटाना है. उनका दावा है कि किसी विशेष राजनीतिक दल को निशाना नहीं बनाया जा रहा, बल्कि विकास परियोजनाओं और सार्वजनिक उपयोग की जमीन को खाली कराने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी. गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार को भी बर्नपुर के त्रिवेणी मोड़ इलाके में तृणमूल युवा कांग्रेस के एक पार्टी कार्यालय पर बुलडोजर चलाया गया था, जिसे आईआईएससीओ प्रबंधन ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जा बताया था.