CBI Operation Chakra-V: जो सीबीआई बड़े-बड़े नेताओं को गिरफ्तार करती है, रिश्वतखोर अधिकारियों पर शिकंजा कसती है, नोटों की गड्डियां पकड़ती है, वो अचानक से मोबाइल दुकानदारों के खिलाफ ऑपरेशन चक्र V क्यों चला रही है, इसे समझना होगा. ये सीबीआई की ओर से जारी प्रेस रिलीज है, जिसमें लिखा है 10 मई को सीबीआई ने 8 राज्यों के 42 अड्डों पर छापा मारा और 5 गिरफ्तारियां की. ख़बर है आने वाले दिनों में दर्जनों गिरफ्तारियां हो सकती हैं, यूपी के 6 जिलों के 9 मोबाइल डीलर सीबीआई की रडार पर हैं, जिनका नाम पहले सुनिए, फिर इनका गुनाह बताते हैं.
इनके अलावा राजीव सागर और मुकेश कुमार का नाम भी शामिल है, जिन पर फर्जी दस्तावेज के सिम कार्ड बेचने के आरोप है, ग्राहकों को इनकी ओर से कहा जाता कि आपकी केवाईसी रिन्यू करवानी होगी, और उसके नाम पर नया सिम कार्ड निकालकर उसे उन लोगों को बेच देते जो डिजिटिल अरेस्ट, साइबर फ्रॉड और देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त थे. देशभर के करीब 1930 मोबाइल डीलर ने ऐसे ही 64 हजार फर्जी सिम कार्ड बेचे हैं, जिनका जाल उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार, कर्नाटक, तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और महाराष्ट्र तक फैला है. इनके ठिकानों से सीबीआई ने मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, और फर्जी केवाईसी दस्तावेज जब्त किए हैं. इस पूरे नेटवर्क के क्रॉस बॉर्डर अपराध में भी शामिल होने का शक है.
“ये कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है, जब देश में दर्जनों की संख्या में जासूस पकड़े जा रहे हैं, जिनके पास से मोबाइल और फर्जी सिम कार्ड भी बरामद हो रही है, यानि साइबर फ्रॉड के साथ-साथ ये कार्रवाई देश की सुरक्षा से भी जुड़ी है. इसीलिए उन्नाव के एसपी दीपक भूकर अलग से भी एक अभियान चला रहे हैं, जिसमें ऐसे लोगों की धरपकड़ की जा रही है.”
उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र के थानाध्यक्ष राहुल सिंह के हवाले से अमर उजाला लिखता है, एक सीबीआई इंस्पेक्टर के साथ 5 लोगों की टीम उन्नाव आई थी, जिनका भरपूर सहयोग किया गया. ख़बर है दुकान मालिक आशीष से करीब 250 सिम कार्ड को लेकर सीबीआई ने पूछताछ की है. ऐसे में आपके पास अगर किसी दुकानदार की कॉल आती है कि केवाईसी अपडेट करवाना है तो उस पर यकीन न करें, बल्कि सिम कार्ड की कंपनी से कॉन्टैक्ट करें, कस्टमरकेयर से बात करें, और किसी भी साइबर फ्रॉड से बचें, अगर कुछ भी गलत लगे तो स्थानीय पुलिस को सूचित करें, और ये रिपोर्ट घर-घर तक पहुंचाएं, ताकि लोगों को पता चले कि उनके आसपास बैठे लोग ही कैसे उनके नाम पर बड़ी साजिश रचने की कोशिश कर रहे हैं, अगर आपके नाम पर सिम कार्ड लेकर कोई कुछ भी गलत करता है तो पुलिस पहले आप तक ही पहुंचेगी, इसलिए सतर्क रहें, सावधान रहें.