चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस में मंगलवार को सीबीआई ने छापेमारी की. यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन से जुड़े एक मामले में हुई. छापेमारी चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित मकान नंबर 50 पर की गई, जिसे मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस भी बताया जा रहा है.
सीबीआई की टीम मौके पर पहुंची और तलाशी शुरू कर दी. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छापेमारी के दौरान क्या दस्तावेज या अन्य सामान बरामद हुए. एजेंसी की तरफ से अभी इस कार्रवाई की कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है. मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा कि उनके कैंप ऑफिस में सीबीआई की छापेमारी हुई है.
मान ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार और उन्हें बदनाम करने के लिए राज्य में ईडी और सीबीआई का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की कार्रवाई से पंजाब सरकार की छवि खराब करने की कोशिश हो रही है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने 5 अक्टूबर 2026 को राजबीर सिंह घुमन से जुड़े मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. कोर्ट के इस आदेश के बाद सीबीआई ने छापेमारी की. मामले की जड़ ईडी की जांच में है. ईडी एक हाउसिंग सोसाइटी और जमीन के इस्तेमाल की अनुमति यानी चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) से जुड़ी कथित आर्थिक गड़बड़ी की जांच कर रही थी. जांच के दौरान राजबीर सिंह घुमन और उनके कुछ सहयोगियों का नाम सामने आया.
इसके बाद ईडी ने पंजाब पुलिस के डीजीपी को तीन पत्र लिखे, जिनमें घुमन और उनके साथियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी. ईडी के आरोपों के मुताबिक, इस मामले में कई गंभीर बातें सामने आई हैं. आरोप है कि सरकारी अफसरों की ट्रांसफर और पोस्टिंग को प्रभावित किया गया, सीएलयू और दूसरे सरकारी कामों में कथित तौर पर पैसे लिए गए, सरकारी गोपनीय दस्तावेजों तक पहुंच बनाई गई और बिचौलियों के जरिए लोगों को सरकारी फायदे दिलवाए गए.
एजेंसी का कहना है कि ये सब काम नियमों के खिलाफ किए गए. इस घटना से पंजाब की राजनीति में एक बार फिर गर्मागर्मी बढ़ने की संभावना है. आगे की कार्रवाई और जांच के नतीजों का इंतजार है