Anti Paper Leak Law: देश में Anti Paper Leak कानून लागू, 10 साल की होगी सजा, 1 करोड़ का लगेगा जुर्माना

Global Bharat 22 Jun 2024 09:34: AM 3 Mins
Anti Paper Leak Law: देश में Anti Paper Leak कानून लागू, 10 साल की होगी सजा, 1 करोड़ का लगेगा जुर्माना

देशभर में पेपर लीक को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए Anti Paper Leak Law लागू किया है. इस कानून का मकसद पेपर लीक पर लगाम लगाना है. बता दें कि इन दिनों नीट पेपर लीक और यूजीसी नेट परीक्षा कैंसिल हो जाने पर देशभर में बवाल मचा हुआ है और विपक्ष के हमले से केंद्र सरकार बैकफुट पर है. इसी बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए इसी साल फरवरी में पारित हुए कानून को शनिवार 22 जून से प्रभावी कर दिया है.

वहीं इस कानून के प्रावधानों की बात करें तो पेपर लीक में दोषी पाए जाने पर 1 कोरड़ रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा और 10 साल तक की सजा होगी. इस कानून को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहले ही जानकारी दी थी. लोक परीक्षा कानून 2024 में 15 गतिविधियों को चिन्हित किया गया है.

केन्द्र सरकार का एंटी पेपर लीक कानून

  • परीक्षा का सर्विस प्रोवाइडर दोषी मिला तो उस पर एक करोड़ जुर्माना लगेगा
  • परीक्षा आयोजक साजिश में शामिल मिला तो परीक्षा की लागत वसूली जाएगी
  • पेपर लीक करने या आंसर सीट के साथ कुछ भी किया तो 3 साल की सजा होगी
  • ये सजा 10 लाख तक के जुर्माने के साथ 5 साल तक बढ़ाई जा सकती है
  • गड़बड़ी में एग्जाम सेंटर शामिल रहा तो 4 साल तक वहां परीक्षा नहीं होगी
  • DSP या ACP लेवल के अधिकारी परीक्षा में गड़बड़ी की जांच कर सकते हैं 
  • केन्द्र सरकार किसी भी परीक्षा की जांच केन्द्रीय एजेंसियों से करवा सकती है 
  • परीक्षा में नकल हो या पेपर लीक, अब हर गुनाह पर तगड़ा एक्शन होगा
  • नकली एडमिट कार्ड बनाना, या नकली वेबसाइट बनाना भी अपराध होगा
  • किसी एग्जाम कम्प्युटर सिस्टम या नेटवर्क में गड़बड़ी करने पर भी सजा मिलेगी


यूपी सरकार का एंटी पेपर लीक कानून

  • किसी भी भर्ती परीक्षा की जिम्मेदारी चार एजेंसियों को दी जाएगी
  • पहली एजेंसी प्रश्नपत्र छपवाकर उसे कोषागार तक पहुंचाएगी
  • दूसरी एजेंसी परीक्षा करवाएगी, कोषागार से पेपर सेंटर तक पहुंचाएगी
  • तीसरी एजेंसी परीक्षा केन्द्र पर सुरक्षा व्यवस्था देखेगी
  • चौथी एजेंसी OMR सीट को आयोग के परिसर में स्कैन करेगी, रिजल्ट सौंपेगी
  • प्रश्नपत्र की गोपनीयता बनाने के लिए उसमें बारकोड लगाया जाएगा
  • जहां पेपर छापा जाएगा, वहां 5 घंटे पहले ही ये तय होगा कौन सा सेट भेजना है
  • परीक्षा केन्द्र पर परीक्षार्थियों का आधारकार्ड और बायोमेट्रिक मिलान होगा
  • जिले के डीएम सेंटर निर्धारित करेंगे, जहां भी परीक्षा होगी, वहां CCTV चालू हालत में होगा

हालांकि बड़ी बात ये है कि केन्द्र सरकार वाले एंटी पेपर लीक कानून में स्टूडेंट को नहीं रखा गया है, केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने जब बिल पेश किया था, तब साफ-साफ कहा था कि हमारा मकसद उन लोगों को रोकना है जो देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, हमने उम्मीदवारों को इससे बाहर रखा है. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि मोदी सरकार ने जिस नियम का नोटिफिकेशन 21-22 जून की आधी रात को बनाया था. इससे जुड़ा बिल संसद में पहले ही पास हो गया था, राष्ट्रपति ने इसे मंजूरी भी फरवरी में ही दे दिया था, लेकिन सरकार इसे लागू करने के लिए सही वक्त का इंतजार कर रही थी और बीते 9 दिनों में जैसे ही तीन बड़ी परीक्षाएं स्थगित हुई, छात्रों का आक्रोश बढ़ा, सरकार ने इसे लागू कर दिया.

यूपी में करीब 56 फीसदी आबादी युवाओं की है और इस बार चुनाव से ठीक पहले युवाओं की नाराजगी से भी बीजेपी को नुकसान हुआ है, इसलिए कई लोग ये कह रहे हैं कि बीजेपी इस कार्यकाल में युवाओं के लिए कई बड़े फैसले लेने वाली है और पहले फैसले की बानगी सरकार गठन के 20 दिन बाद ही दिख चुका है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या 1 करोड़ के जुर्माने का नियम बना देने से ये वाला कानून रुक जाएगा, या सरकार को यूपीएससी वाला नियम अपनाना होगा, जिसका इतने बरसों में कभी पेपर लीक नहीं हुआ.

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