कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चित चेहरा बन चुके चंद्रनाथ रथ कभी भारतीय वायुसेना में अधिकारी रह चुके थे. अनुशासन और सख्त कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले रथ ने रिटायरमेंट के बाद सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की. वर्ष 2019 में उन्होंने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी का हाथ थामा और जल्द ही उनके सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाने लगे.2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान चंद्रनाथ रथ पहली बार बड़े स्तर पर चर्चा में आए.
भवानीपुर स्ट्रॉन्गरूम विवाद के दौरान उन्होंने भाजपा समर्थकों का नेतृत्व किया था. उस समय वे लगातार भाजपा कैंप में सक्रिय दिखाई दिए और संगठन व जमीनी रणनीति में उनकी भूमिका मजबूत मानी गई. सूत्रों के अनुसार चंद्रनाथ रथ सिर्फ राजनीतिक सहयोगी नहीं बल्कि सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी और भरोसेमंद व्यक्ति माने जाते थे. वे कई अहम बैठकों, कार्यक्रमों और राजनीतिक दौरों में उनके साथ नजर आते थे.
संगठनात्मक समन्वय, सुरक्षा और स्थानीय नेटवर्क संभालने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जाती थी. पूर्व वायुसेना अधिकारी होने के कारण रथ की छवि अनुशासित और तेज फैसले लेने वाले व्यक्ति की थी. भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भी उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती थी. बंगाल की राजनीतिक हिंसा और टकराव वाले माहौल में वे हमेशा आक्रामक रणनीति के समर्थक माने जाते रहे.
चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या की खबर सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव बढ़ गया है. भाजपा इसे राजनीतिक हिंसा बता रही है, जबकि मामले की जांच में पुलिस जुटी हुई है. घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं.