‘पूरा लद्दाख हमारा है, भारत ने किया अवैध कब्जा’... चीन का नया दावा, LAC पर फिर तनातनी की आशंका!

Amanat Ansari 13 Oct 2026 04:36 PM 2 Mins
‘पूरा लद्दाख हमारा है, भारत ने किया अवैध कब्जा’... चीन का नया दावा, LAC पर फिर तनातनी की आशंका!

बीजिंग/नई दिल्ली: चीन ने एक बार फिर भारत के खिलाफ अपना आक्रामक रुख अपनाया है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को साफ कहा कि पूरा लद्दाख चीन का है और भारत ने इस इलाके पर ‘एकतरफा’ तथा ‘अवैध’ कब्जा कर रखा है. उन्होंने भारत द्वारा लद्दाख में 28 रणनीतिक स्थानों और भौगोलिक क्षेत्रों के नाम औपचारिक रूप से तय करने के फैसले का कड़ा विरोध जताया.

माओ निंग ने बीजिंग में संवाददाता सम्मेलन में कहा, “चीन ने भारत द्वारा एकतरफा और गैर-कानूनी ढंग से बनाए गए तथाकथित ‘केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख’ को कभी मान्यता नहीं दी है. भारत की ओर से तथाकथित मानकीकृत नामों की घोषणा अवैध और अमान्य है. इससे इस तथ्य में कोई बदलाव नहीं हो सकता कि भारत-चीन सीमा के पश्चिमी क्षेत्र में संबंधित इलाके हमेशा से चीन के रहे हैं.”

भारत ने 2 अक्टूबर को लिया था बड़ा कदम

भारत ने 2 अक्टूबर को गृह मंत्रालय के जरिए लद्दाख में 28 रणनीतिक स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं वाले क्षेत्रों को आधिकारिक मानचित्र पर चिह्नित किया था. इनमें वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास गोगरा और हॉट स्प्रिंग जैसे संवेदनशील और विवादित इलाके भी शामिल हैं. इन जगहों को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक मैप में शामिल किया गया है. सरकार का मकसद आधिकारिक मानचित्रण को सुव्यवस्थित करना, स्थानों की सटीक पहचान सुनिश्चित करना और सीमावर्ती इलाकों के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना है. यह कदम लद्दाख प्रशासन के परामर्श से उठाया गया.

गोगरा-हॉट स्प्रिंग समेत ये जगहें शामिल

चिह्नित स्थानों में गोगरा और हॉट स्प्रिंग के अलावा अलीशा गिरि, ब्रांगसा, चापचिंगल दर्रा, कनिष्क चोटी, करुण पीर, कुकसेल, मार्तंड गिरि, पारपिक हिमनद, स्कामरी हिमनद, शचमिरिक दर्रा, शकोरगा घाटी, जोरावर चोटी, देहरा कंपास, द्रक कारपो, जलमोरी, कुमारायण पॉइंट, पांगलुंग, रिनचेन जांगपो, साक्यश्री गिरि, गुरु रिनपोछे, शामल लुंगपा, यांगपा नदी, मारपा लोत्सावा री, मिलारेपा कांगरी, शिव री और महेश्वर री जैसे नाम शामिल हैं.

गोगरा और हॉट स्प्रिंग 2020 के भारत-चीन गतिरोध के दौरान टकराव के प्रमुख केंद्र रहे थे. 5 मई 2020 को पैंगोंग झील क्षेत्र में हुई हिंसक झड़प के बाद पूर्वी लद्दाख में तनाव शुरू हुआ था. दोनों देशों ने 2022 में सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया शुरू की थी. चीन का यह बयान भारत-चीन संबंधों में फिर से तनातनी के संकेत दे रहा है. भारत लद्दाख को अपना अभिन्न अंग मानता है और ऐसे दावों को खारिज करता रहा है.

विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम चीन की ‘कार्टोग्राफिक आक्रामकता’ का जवाब है, जिसमें वह अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के क्षेत्रों के चीनी नाम रखकर अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश करता है. चीन के इस आपत्तिजनक दावे के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर चर्चा होने की संभावना है. LAC पर स्थिति फिलहाल शांत बताई जा रही है, लेकिन इस तरह के बयान से तनाव बढ़ने का खतरा हमेशा बना रहता है.

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