नई दिल्ली: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन एक दुखद विमान हादसे में हो गया. यह घटना 28 जनवरी 2026 को पुणे जिले के बारामती एयरपोर्ट पर हुई, जब मुंबई से आ रहा उनका चार्टर्ड Learjet 45 विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में अजित पवार सहित विमान में सवार कुल 5 लोग दो पायलट, एक फ्लाइट अटेंडेंट और उनका पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर की मौत हो गई. कोई भी जीवित नहीं बचा.
हादसे के बाद महाराष्ट्र सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और गुरुवार को इसकी जांच क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) को सौंप दी. बारामती तालुका पुलिस ने पहले एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की थी, जिसे अब CID को ट्रांसफर कर दिया गया है. CID ने आज यानी 30 जनवरी से इस मामले की आधिकारिक जांच शुरू कर दी है.
इसके अलावा, केंद्र स्तर पर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) भी अलग से जांच कर रहे हैं. हादसे के बाद ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) बरामद हो चुका है, जिसकी जांच से महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है.
प्रारंभिक जानकारी क्या हैं...
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा लैंडिंग के दूसरे प्रयास के दौरान हुआ. विमान को लैंडिंग की अनुमति मिली थी, लेकिन संभवतः कम विजिबिलिटी, रनवे से Misalignment या संचार में कोई समस्या के कारण पायलट को कंट्रोल खोना पड़ा. कॉकपिट से आखिरी पलों में "ओह शिट" जैसे शब्द सुने गए. बारामती का एयरस्ट्रिप टेबलटॉप है, जिससे लैंडिंग पहले से चुनौतीपूर्ण होती है.
अजित पवार का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया. जांच एजेंसियां सभी पहलुओं, मौसम, तकनीकी खराबी, पायलट निर्णय और अन्य कारकों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं. अभी अंतिम कारण स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन CID की जांच से किसी भी संदिग्ध पहलू को भी खारिज या साबित करने में मदद मिलेगी. यह घटना महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा शून्य पैदा कर गई है.