चेन्नई: अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. शपथ ग्रहण के तुरंत बाद अपने पहले संबोधन में विजय ने जो बात कही, उसे राज्य की सेक्युलर और अल्पसंख्यक राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब तमिलनाडु में असली सेक्युलर युग की शुरुआत हो चुकी है.
चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह के दौरान विजय ने कहा, ''यह एक नई शुरुआत है. हम सब मिलकर एक ऐसे तमिलनाडु का निर्माण करेंगे जहां सेक्युलर मूल्य और सामाजिक न्याय सबसे ऊपर होंगे.''
आम इंसान की छवि को मजबूत किया
विजय ने खुद को किसी खानदानी या शाही परिवार का व्यक्ति नहीं, बल्कि आम जनता का बेटा और भाई बताया. उन्होंने कहा कि सिनेमा से राजनीति में आने का मकसद लोगों का कर्ज चुकाना है. उन्होंने वादा किया कि चुनाव में दिए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए वे पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.
विजय ने खास तौर पर सामाजिक समानता, बराबरी और समावेशी विकास पर जोर देते हुए कहा कि उनकी सरकार सभी वर्गों, खासकर हाशिए पर रह गए तबकों को साथ लेकर चलेगी. युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने का भी उन्होंने भरोसा दिलाया.
विश्लेषकों का मानना है कि शपथ ग्रहण के दिन दिया गया विजय का यह पहला बड़ा बयान स्पष्ट संकेत देता है कि उनकी सरकार खुद को एक मजबूत सेक्युलर और सामाजिक न्याय आधारित शासन के रूप में स्थापित करना चाहती है. अल्पसंख्यक समुदायों में इस भाषण से काफी उम्मीद जगी है.