
...ये बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ट्वीट है, जो लिखते हैं, ''1 अगस्त 2025 से सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट बिजली फ्री मिलेगी. 1 करोड़ 67 लाख परिवारों को इसका फायदा मिलेगा.'' लेकिन सवाल है इससे बिहार के खजाने पर क्या बोझ नहीं पड़ेगा. विपक्ष यही सवाल नीतीश कुमार से पूछ रहा है. क्या जेडीयू और बीजेपी की जोड़ी वही गलती करने जा रही है, जो दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने की थी, जो फ्री बिजली के नाम पर अरविंद केजरीवाल को कोसते थे, वही नेता अब फ्री बिजली का समर्थन कैसे कर सकते हैं.
ऐसे तमाम सवाल सोशल मीडिया पर तैरने लगे हैं, तो इन सबका जवाब तसल्ली से समझिए. ये हैं बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, जो ट्वीट कर लिखते हैं, ''125 यूनिट फ्री के तहत 100 फीसदी अनुदान दिया जा रहा. इस वित्तीय वर्ष में 3375 करोड़ अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा. 1 करोड़ 67 लाख ऐसे लोग है जो 125 यूनिट से कम बिजली खपत करते हैं. इसके बाद अगले तीन साल में सबके घरों की छत्तों पर सहमति से सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाएगा. राज्य में करीब 10 हजार मेगावाट बिजली बनेगी.''
यानि नीतीश सरकार का विजन फ्री बिजली देकर चुनाव जीतने भर का नहीं, बल्कि बिहार की बिजली की समस्या को दूर करना है. अगर सोलर पैनल घर की हर छत पर होगा, तो फिर बिजली की समस्या अपने आप दूर हो जाएगी. हालांकि तेजस्वी यादव के लिए ये ऐलान किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि वो अब तक दावा कर रहे थे कि अगर हम सरकार में आए तो बिजली फ्री कर देंगे, लेकिन इधर नीतीश कुमार ने इसका ऐलान भी कर दिया. ये सवाल जब सम्राट चौधरी से पूछा जाता है तो वो तेजस्वी को बचवा कहकर संबोधित कर देते हैं.

वैसे चुनावी साल में सरकार का कोई भी फैसला चुनाव से ही जोड़ा जाता है, चाहे वो युवा आयोग के गठन की बात हो या फिर 1 करोड़ नौकरी वाला वादा. ये फैसला करना बिहार की जनता का काम है कि चुनाव में वो किसे जीताती है और किसे हराती है, पर एक बात स्प्ष्ट है कि नीतीश कुमार अपने काम से नया कीर्तिमान बनाना चाहते हैं, और इसकी बानगी सरकार गठन के साल से लेकर चुनाव तक दिखाई देती है. आप इस ऐलान को कैसे देखते हैं.