जब लखनऊ में अखिलेश यादव माला लेकर खड़े थे, जेपी स्मारक का गेट खुलने का इंतजार कर रहे थे, तब योगी ऐसी कौन सी साधना में लगे थे, जो योगी के सारे विरोधियों को धराशायी कर देगा, और योगी की दिन दुनी-रात चौगुनी तरक्की होने वाली है, हवन-पूजन की इस तस्वीर में ऐसा क्या है, जिसे देखकर विरोधियों के होश उड़े हुए हैं. ये समझने के लिए आपको योगी का मंदिर प्रेम समझना होगा.
ये तस्वीरें बलरामपुर की हैं, जहां योगी बड़े-बड़े अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे थे, मीटिंग में टॉप 10 माफिया का लिस्ट बनाने के आदेश दे रहे थे और उसके बाद उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने जाना था, लेकिन मेडिकल कॉलेज न जाकर अपना प्लान तुरंत बदल देते हैं. बाहर निकलते ही ड्राइवर को कहते हैं गाड़ी मंदिर की ओर ले चलो, एनएसजी कमांडो आनन-फानन में उस रूट की सुरक्षा व्यवस्था मुस्तैद करवाते हैं, उन्हें लगता है नवरात्रि का महीना है तो योगी मां पटेश्वरी मंदिर जाकर दर्शन करेंगे, लेकिन योगी वहां सिर्फ दर्शन नहीं करते, बल्कि क्या-क्या करते हैं, तीन तस्वीरों में देखिए.
मंदिर में पूजा के बाद बच्चों को चॉकलेट बांटते हैं, गायों की सेवा करते हैं, और उसके बाद मां पाटेश्वरी यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्यों का जायजा लेने लगते हैं. पहले अधिकारियों से अपडेट लेते हैं, फिर खुद मैप लेकर देखने लगते हैं, कहां क्या बन रहा है, उनका ये अंदाज वहां खड़े कमांडोज बड़े गौर से देखते हैं, क्योंकि ये सिर्फ एक विश्वविद्यालय नहीं बल्कि योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट भी है. जिसे पहले गोंडा में बनाए जाने की बात उठी, फिर इसी साल मार्च महीने में सीएम योगी ने शिलान्यास किया और जब अचानक से जायजा लेने पहुंचे तो वहां के ठेकेदार और अधिकारियों को भी समझ आ गया.
गलत निर्माण किया तो बाबा नहीं छोड़ेंगे. जिस मंदिर में योगी खड़े हैं ये 51 शक्तिपीठों में से एक हैं, कहते हैं यहां मां सती का पट गिरा था, इसलिए इस मंदिर का नाम पटेश्वरी देवी मंदिर पड़ा. जहां सिर्फ यूपी बिहार ही नहीं बल्कि नेपाल से भी आने वाले भक्तों का तांता लगा रहता है. कहते हैं नवरात्रि के दिनों में इस मंदिर में दर्शन-पूजन से हर मुराद पूरी होती है, योगी यहां अष्टमी के दिन दर्शन के लिए पहुंचे थे. तब योगी भी तीन दिनों की विशेष साधना में लीन थे.
योगी की विशेष साधना