लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिसकर्मियों द्वारा ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया रील बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर कड़ा संदेश दिया है. बुधवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि ड्यूटी के दौरान रील बनाना अनुशासनहीनता है और इससे पुलिस की छवि प्रभावित होती है.

मुख्यमंत्री योगी ने नवचयनित अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं बल्कि जनसेवा और जिम्मेदारी का माध्यम है. ऐसे में हर पुलिसकर्मी को अपने आचरण, व्यवहार और कार्यशैली के प्रति सजग रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के इस दौर में हर गतिविधि लोगों की नजर में रहती है, इसलिए पुलिसकर्मियों को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे वे हंसी का पात्र बनें या विभाग की गरिमा को ठेस पहुंचे.

सीएम योगी ने कहा कि आत्म-अनुशासन किसी भी वर्दीधारी बल की सबसे बड़ी ताकत होता है. पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि रील बनाने या सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश पुलिस सेवा के मूल उद्देश्यों से भटका सकती है. जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना ही पुलिस का पहला कर्तव्य है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के डिजिटल युग में तकनीक का उपयोग पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए होना चाहिए, न कि ड्यूटी के दौरान मनोरंजन या व्यक्तिगत प्रचार के लिए. उन्होंने नवचयनित कंप्यूटर ऑपरेटरों को डिजिटल वॉरियर्स बताते हुए कहा कि उनकी भूमिका उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण होगी.

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस की बदली हुई छवि का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में यूपी पुलिस ने जनसेवा और सुशासन के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है. पुलिस की कार्यशैली में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक का समावेश हुआ है. ऐसे समय में प्रत्येक पुलिसकर्मी का व्यवहार पूरे विभाग की छवि तय करता है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है, लेकिन ड्यूटी के दौरान रील बनाना या ऐसे वीडियो साझा करना जो पुलिस की पेशेवर छवि को प्रभावित करें, स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों से अपेक्षा जताई कि वे अनुशासन, ईमानदारी और सेवा भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे.
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश के कई हिस्सों में पुलिसकर्मियों के ड्यूटी के दौरान रील बनाने और सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने के मामले सामने आते रहे हैं. ऐसे मामलों पर कई बार विभागीय कार्रवाई भी की गई है. मुख्यमंत्री के इस संदेश को पुलिस बल में अनुशासन और पेशेवर आचरण को लेकर एक स्पष्ट और सख्त संकेत माना जा रहा है.