सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इन दिनों “Cockroach Janata Party” यानी CJP की खूब चर्चा हो रही है। कुछ ही दिनों में इस संगठन ने इंटरनेट पर ऐसा माहौल बना दिया कि बड़े-बड़े राजनीतिक दलों के सोशल मीडिया आंकड़ों से इसकी तुलना होने लगी। लेकिन अब इसके संस्थापक, फंडिंग और विदेशी कनेक्शन को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पूरा मामला उस टिप्पणी से जुड़ा बताया जा रहा है जिसमें सुप्रीम कोर्ट के CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से की थी। बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका इशारा फर्जी डिग्री वालों की तरफ था, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर नाराजगी फैल चुकी थी।
इसी माहौल के बीच 16 मई को “Cockroach Janata Party” बनाई गई। सोशल मीडिया पर युवाओं ने खुद को “कॉकरोच” बताकर वीडियो और पोस्ट डालने शुरू कर दिए। दिल्ली में कुछ लोग कॉकरोच की ड्रेस पहनकर सफाई अभियान चलाते भी नजर आए।
पार्टी के सोशल मीडिया आंकड़ों ने सबसे ज्यादा लोगों को चौंकाया।
सोशल मीडिया पर इस संगठन को कई विपक्षी नेताओं का समर्थन मिलता भी दिखाई दिया। महुआ मोइत्रा और मनीष सिसोदिया जैसे नेताओं के पोस्ट भी चर्चा में रहे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक Cockroach Janata Party के संस्थापक अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और फिलहाल अमेरिका में रहते हैं। उनकी उम्र करीब 30 साल बताई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि वे पहले आम आदमी पार्टी से भी जुड़े रहे हैं।
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगर वे भारत लौटे तो उन्हें जेल भेजा जा सकता है। इसी बयान के बाद राजनीतिक विवाद और बढ़ गया।
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अभिजीत दीपके को अमेरिका भेजने के लिए पैसा कहां से आया और क्या किसी विदेशी संस्था का समर्थन उन्हें मिल रहा है।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने CJP के X अकाउंट को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संवेदनशील मानते हुए कार्रवाई की सिफारिश की थी। हालांकि इस पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।
सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ती लोकप्रियता के बाद अब इस संगठन के राजनीतिक भविष्य पर भी चर्चा हो रही है। कुछ रिपोर्ट्स और वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि आने वाले वर्षों में यह एक मजबूत डिजिटल राजनीतिक प्लेटफॉर्म बन सकता है।
हालांकि फिलहाल इसका कोई औपचारिक चुनावी ढांचा या राजनीतिक संगठनात्मक मॉडल सामने नहीं आया है। लेकिन युवाओं के बीच इसकी ऑनलाइन पहुंच ने पारंपरिक पार्टियों का ध्यान जरूर खींचा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ एक डिजिटल ट्रेंड है या फिर भविष्य की राजनीति का नया प्रयोग। कुछ लोग इसे युवाओं की नाराजगी का प्रतीक बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे विपक्ष समर्थित ऑनलाइन मूवमेंट मान रहे हैं।
फिलहाल Cockroach Janata Party इंटरनेट पर चर्चा का बड़ा विषय बन चुकी है और आने वाले समय में इसका असर कितना बढ़ता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।